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Uttarakhand: जोशीमठ प्रभावितों पर कैबिनेट ने लगाया राहत का मरहम, बिजली-पानी के बिल किए माफ, पढ़ें ये फैसले

Fri, 13 Jan 2023 11:10 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

Uttarakhand Cabinet Meeting: जोशीमठ भू-धंसाव के प्रभावितों पर कैबिनेट ने राहत का मरहम लगाया। सभी पर्वतीय शहरों की धारण क्षमता का अध्ययन होगा। शिविरों में रह रहे प्रत्येक प्रभावित को भोजन के लिए हर दिन 450 रुपये मिलेंगे। आपदा प्रभावितों का किराया 4000 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये किया गया।
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सीएम पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जोशीमठ भू धंसाव मामले में प्रदेश मंत्रिमंडल ने प्रभावित परिवारों का नवंबर माह से अगले छह माह तक बिजली और पानी का बिल माफ कर दिया है। जिन प्रभावित परिवारों व व्यक्तियों ने बैंकों से ऋण लिए हैं, उनकी किस्तों की वसूली को अगले एक साल तक टाल दिया गया है।

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक पूरी तरह से जोशीमठ भू धंसाव पर केंद्रित रही। कैबिनेट ने सहकारी बैंकों से संबंधित ऋण के मामलों में तत्काल प्रभाव से वसूली पर रोक के आदेश दिए। निजी और राष्ट्रीयकृत बैंकों से जुड़े ऋणों की वसूली को एक साल के लिए स्थगित करने के संबंध में प्रदेश सरकार केंद्र से अनुरोध करेगी। बैठक में 18 प्रस्ताव आए, लेकिन सभी प्रस्तावों को स्थगित कर दिए गए। कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल और गणेश जोशी मौजूद रहे जबकि सौरभ बहुगुणा और डॉ. धन सिंह रावत ऑनलाइन जुड़े। बैठक के बाद मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु एवं सचिव अपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत सिन्हा ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। 

पुनर्वास के लिए पांच स्थानों पर जीएसआई के सर्वे को मंजूरी
कैबिनेट ने आपदा प्रभावितों के पुनर्वास के लिए चयनित पांच स्थानों कोटी फार्म, पीपलकोटी, गोचर, गौख सेलंग, ढाक गांव का जीएसआई से सर्वे कराने को मंजूरी दी। 

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जो घर नहीं लेंगे उनके लिए धनराशि का पैकेज
कैबिनेट ने चयनित भूखंडों पर सर्वे के बाद प्री-फेब्रीकेटेड स्ट्रक्चर्स बनाने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। आपदा प्रभावित परिवारों व व्यक्तियों के मध्य सर्वे होगा। जो भवन नहीं चाहेंगे उन्हें पैकेज के रूप में धनराशि दी जाएगी।

किराया बढ़ाया, प्रतिमाह 5000 रुपये मिलेंगे
कैबिनेट ने भू स्वामी प्रभावितों के किराये के मकान में निवास करने पर 4000 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 5000 रुपये प्रतिमाह कर दिया है। यह किराया उन्हें छह माह तक मिलेगा। डीएम की रिपोर्ट पर किराये में बढ़ोतरी आवश्यक होगी तो इसके लिए मुख्यमंत्री को फैसला लेने के लिए अधिकृत किया गया।

राहत शिविरों में प्रत्येक प्रभावित को भोजन के लिए रोजना 450 रुपये
राहत शिविरों में रह रहे प्रभावितों में से यदि कोई सदस्य वहां भोजन करने के इच्छुक नहीं होगा तो उसे प्रति दिन 450 रुपये भोजन के लिए मिलेंगे। इसमें बच्चे भी शामिल हैं।
 

राहत कैंप बनाए गए होटल व गेस्ट हाउस मालिक को मिलेगा वास्तविक खर्च 
राहत कैंप बनाए गए होटल, गेस्ट हाउस के मालिकों को प्रभावितों को ठहराए जाने पर वास्तविक खर्च या 950 रुपये प्रतिदिन प्रतिकक्ष जो भी कम हो, दिया जाएगा। 

पशुओं को शिफ्ट करने के लिए 15 हजार
पशुओं को शिफ्ट करने के लिए 15 हजार हजार दिए जाएंगे। बड़े पशुओं के चारे के लिये 80 रुपये प्रतिदिन तथा छोटे पशुओं के चारे के लिये 45 रुपये प्रति दिन की धनराशि दी जाएगी।
 
जो पहले डीपीआर बनाएगा, उसे टो कटिंग रोकने का काम
जोशीमठ नगर के तलहटी में अलकनंदा नदी से भू कटाव को रोकने के लिए गुरुग्राम की वेबकॉज एजेंसी व सिंचाई विभाग में से जो भी पहले डीपीआर तैयार करेगा, उसे ये कार्य दे दिया जाएगा। ये कार्य ईपीएस (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) मोड में कराया जाएगा। इस बारे में मुख्यमंत्री निर्णय लेंगे।
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राहत पैकेज का प्रस्ताव एक हफ्ते में केंद्र को भेजा जाएगा
राज्य सरकार एक हफ्ते के भीतर राहत पैकेज का प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजेगी। एक जिला स्तरीय समिति सर्वे कर नुकसान का आंकलन करेगी। प्रभावितों को भूमि तथा निर्मित भवन के लिए सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। केंद्र से राहत राशि मिलने तक सभी खर्च राज्य सरकार अपने संसाधनों से करेगी।

दो व्यस्क सदस्यों को मनरेगा मजदूरी की दरों पर मिलेगी राशि
आपदा के कारण जिन परिवारों की आजीविका प्रभावित हुई है, उनके दो व्यस्क सदस्यों को एसडीआरएफ के नए मानक के अनुसार, मनरेगा मजदूरी की दरों पर राहत राशि दी जाएगी।

आपदा से जुड़े फैसले लेने के लिए सीएम को अधिकार
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री को जोशीमठ आपदा से संबंधित प्रस्तावों पर फैसला लेने के लिए अधिकृत कर दिया है ताकि तेजी से फैसले हो सकें।

सभी पर्वतीय शहरों की धारण क्षमता का अध्ययन होगा
कैबिनेट ने प्रदेश के सभी पर्वतीय शहरों की धारण क्षमता का अध्ययन कराने का फैसला किया है। चरणबद्ध ढंग से यह अध्ययन कराया जाएगा।

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सभी मंत्री राहत कोष में देंगे एक माह का वेतन
जोशीमठ भू धंसाव प्रभावितों की मदद के लिए सभी मंत्री मुख्यमंत्री राहत कोष में अपना एक माह का वेतन देंगे। बैठक में यह निर्णय हुआ।
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