इन शर्तों के साथ शुरू होगा बाईपास का निर्माण कार्य
1. बाईपास का निर्माण शुरू कराने से पहले बीआरओ और केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) के अधिकारी अपने स्तर से सभी जरूरी जांचें और परीक्षण करेंगे।
2. बीआरओ और केंद्रीय सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय की ओर से निर्माण से पूर्व और निर्माण के दौरान सभी आपदा न्यूनीकरण संबंधी उपायों को अच्छी तरह पखा जाएगा, ताकि निर्माण के कारण जोशीमठ भूधंसाव पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
3. इसके अलावा इस संबंध में किसी भी न्यायालय की ओर से कोई आदेश पारित हो तो उसका भी संज्ञान लिया जाएगा।
इनका कहना है
आईआईटी रुड़की, लोनिवि और टीएचडीसीआईएल के विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर हेलंग-मारवाड़ी बाईपास के निर्माण की सशर्त अनुमति दी गई है। संबंधित एजेंसियां (मोर्थ और बीआरओ) अपने स्तर पर भी सभी पहलुओं की जांच कर परीक्षण करेंगी। इस संबंध में जिला प्रशासन को भी अवगत करा दिया गया है। - डॉ.रंजीत सिन्हा, सचिव, आपदा प्रबंधन विभाग
ये भी पढ़ें...Nainital High Court: ध्वस्त होने चाहिए अवैध धार्मिक निर्माण, हाईकोर्ट ने कहा-धर्म का नहीं होना चाहिए कोई परहेज
पीडीएनए की रिपोर्ट शासन को मिली, पैकेज पर शीघ्र होगा फैसला
22 अप्रैल को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की पोस्ट डिजास्टर नीड्स असेसमेंट (पीडीएनए) की टीम ने जोशीमठ में सर्वे का काम किया था। रिपोर्ट उत्तराखंड शासन को मिल चुकी है। इसमें आपदा प्रभावित क्षेत्रों में आवास और पुनर्वास, स्थानीय अवसंरचना, सार्वजनिक भवन, नागरिक सुविधाओं, पेयजल, सफाई, पर्यटन, आपदा जोखिम न्यूनीकरण, रिकवरी कंस्ट्रक्शन पर रिपोर्ट दी गई है। सचिव डॉ.सिन्हा ने बताया कि रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद इसे पुन: एनडीएमए और गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा। इसके बाद ही केंद्र ही ओर से राहत पैकेज पर फैसला लिया जाएगा।