फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनेंगे जौलीग्रांट और पंतनगर के हवाई अड्डे, केंद्र सरकार वहन करेगी सारा खर्चा

Fri, 02 Aug 2019 10:18 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
विज्ञापन

उत्तराखंड के जौलीग्रांट और पंतनगर एयरपोर्ट का अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार विस्तार करने के लिए भूमि चिन्हित कर नागरिक उड्डयन विभाग प्रस्ताव तैयार कर रहा है। जिसके बाद प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। विस्तारीकरण पर आने वाले सारा खर्च केंद्र सरकार की ओर से दिया जाएगा। 

विज्ञापन


जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार विकसित करने के लिए 60 मीटर चौड़ा और 270 मीटर लंबा रनवे का विस्तार किया जाना है। इसके लिए 105 हेक्टेयर भूमि की जरूरत होगी।

विस्तारीकरण पर करीब 270 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। रनवे के लिए भूमि चिन्हित की गई है। जिसमें सरकारी व निजी भूमि भी शामिल है। तकनीकी विशेषज्ञों की ओर से दी गई एयरपोर्ट विस्तारीकरण रिपोर्ट का नागरिक उड्डयन विभाग अध्ययन कर प्रस्ताव तैयार कर रहा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

12 हेलीपेडो में यात्री सुविधाओं के लिए बन रही डीपीआर

वहीं, पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए पांच सौ हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण करना होगा। पंतनगर एयरपोर्ट के आसपास सरकार के पास सरकारी और वन भूमि उपलब्ध है। बता दें कि वर्तमान में दोनों एयरपोर्ट को इंडियन एयरपोर्ट अथॉरिटी संचालित कर रही है। विस्तारीकरण से जौलीग्रांट और पंतनगर से वियतनाम, कंबोडिया, दुंबई समेत गल्फ कंट्री के लिए हवाई सेवाएं शुरू होगी। 

उड़ान योजना के तहत प्रदेश में 12 हेलीपेड का निर्माण किया गया। ये हेलीपेड लैंडिंग के लिए तैयार है, लेकिन यात्रियों की सुविधा के लिए टिकट खिड़की, वेटिंग रूम, चेकिंग प्वाइंट, सामान रखने समेत अन्य सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसके लिए पवन हंस एविएशन कंपनी ने आठ हेलीपेड की डीपीआर शासन को सौंपी है। यात्री सुविधाएं उपलब्ध होने के बाद इन हेलीपेड से नियमित हेली सेवाएं संचालित की जा सकेगी। 

जौलीग्रांट और पंतनगर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार विकसित करने के लिए भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव कैबिनेट को भेजा जाएगा। तकनीकी विशेषज्ञों की रिपोर्ट का अध्ययन किया जा रहा है। दोनों एयरपोर्ट के लिए किस तरह से भूमि का अधिग्रहण किया जा सकता है। 
- दिलीप जावलकर, सचिव, नागरिक उड्डयन विभाग
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें