फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भव्य आकार लेगा देहरादून का जॉलीग्रांट एयरपोर्ट

Fri, 17 Feb 2017 11:52 AM IST
संजय त्रिपाठी/ अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
जॉली ग्रांट एयरपोर्ट - फोटो : file photo
विज्ञापन
अगले तीन साल में राजधानी के एयरपोर्ट पर यात्रियों को हर सुख सुविधा मिलेगी। यहां बड़े जहाज भी उतर सकेंगे और कई शहरों के लिए नई फ्लाइटें भी शुरू होंगी।
विज्ञापन


एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एआईआई) ने जॉलीग्रांट एयरपोर्ट के विस्तारीकरण परियोजना को हरी झंडी दे दी है। योजना के अनुसार एयरपोर्ट मौजूदा साइज से सात गुना बड़ा होगा और हवाई पट्टी को भी विस्तार दिया जाएगा। इस परियोजना पर 300 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इस परियोजना पर मार्च से काम शुरू हो जाएगा और इसे 2020 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

विस्तार योजना के तहत एयरपोर्ट में दो एयर ब्रिज बनेंगे। साथ ही दो फ्लोर के परिसर में ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर भी बनेंगे। बेसमेंट में विभिन्न एयरलाइंस के ऑफिस बनाए जाएंगे। यात्रियों की सुविधा के लिए लिफ्ट, एस्केलेटर लगाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त वाहनों के लिए मल्टी लेवल कार पार्किंग भी बनेगी।
विज्ञापन


इसके अलावा यहां मौजूद 2140 मीटर की एयर स्ट्रिप (रन-वे) का विस्तार भी किया जाएगा, जिससे ज्यादा तादाद में और बड़े जहाज जॉलीग्रांट पर उतर सकेंगे। रन-वे पर खास लाइट भी लगाई जाएंगी, जिससे कम विजिबिलिटी पर भी जहाजों को आसानी से उतारा जा सके। ऐसे में जल्द ही तमाम नई फ्लाइट भी यहां से शुरू होंगी। इसके अतिरिक्त वाराणसी, कोलकाता, पटना समेत अन्य शहरों के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट भी शुरू की जा सकती हैं।

एयरपोर्ट अधिकारी इस बात की भी तैयारी कर रहे हैं कि डोईवाला के अलावा दूसरी तरफ से भी जहाजों को यहां उतारा जा सके। विस्तार योजना के तहत कारगो टर्मिनल और शॉपिंग एरिया को भी बढ़ाया जाएगा। कुल 300 करोड़ रुपये के खर्च से होने वाले इस विस्तारीकरण परियोजना का काम मार्च माह से आरंभ होगा। वर्ष 2020 तक इसे समाप्त करने का लक्ष्य है।

फ्लाइट इनफॉर्मेशन डिस्प्ले इसी माह
एयरपोर्ट सूत्रों की मानें तो जॉलीग्रांट आने और जाने वाली फ्लाइट की सूचना देने के लिए अभी तक यहां डिस्प्ले सिस्टम नहीं लगा है। यात्रियों की इस दिक्कत को देखते हुए इसी माह फ्लाइट इनफॉर्मेशन डिस्प्ले सिस्टम लगाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त कामन यूजर टर्मिनल इंटरफेज को भी शुरू किया जा रहा है।

इसके तहत बोर्डिंग काउंटर का इस्तेमाल कोई भी एयरलांस कंपनी कर सकेगी, जो यात्रियों के लिए सुविधाजनक होगा। सूत्रों की मानें तो जो विदेशी यात्री चार्टर्ड प्लेन से सीधे देहरादून आना चाहते हैं, उनके लिए चार्टर्ड फ्लाइट की इमीग्रेशन क्लियरेंस अब देहरादून से ही आरंभ करने की भी तैयारी है।

चौबीस घंटे ऑपरेशन की तैयारी
जॉलीग्रांट पर 24 घंटे संचालन व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने की भी तैयारी है। इसके लिए इसके लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी के चेयरमैन की ओर से विभिन्न एयरलाइंस कंपनियों के प्रतिनिधियों से वार्ता की जा रही है। इसके लिए यहां मौजूदा कर्मचारियों एवं सुरक्षाकर्मियों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। साथ ही उनके लिए रिहाइशी कॉलोनी भी बनेगी, जिसके लिए जगह चिन्हित की जा रही है। चौबीस घंटे संचालन होने की स्थिति में जल्दी सुबह और देर रात की फ्लाइट सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

मेंटिनेंस सुविधा आकर्षित करेंगी विदेशी एयरलाइंस को
अथॉरिटी की ओर से एयरपोर्ट डायरेक्टर को एयरलाइंस मेंटिनेंस, ओवरहॉलिंग और रिपेयरिंग सुविधा विकसित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। ऐसा होने की स्थिति में विदेशी एयरलाइंस कंपनियों को कम कीमतों पर मेंटिनेंस की सुविधा देकर आकर्षित किया जा सकेगा। यदि ऐसा होता है तो देहरादून एयरलाइंस सर्विसेज के मामले में विश्व मानचित्र पर आ जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार का भी सहयोग लिया जाएगा, जिसके लिए मुख्यमंत्री एवं वित्त सचिव को पत्र लिखा जाएगा।

मोबाइल टॉवर हटाए जाएंगे
जॉलीग्रांट एयरपोर्ट के आसपास विभिन्न मोबाइल कंपनियों के टॉवर स्थापित किए गए हैं। इस जानकारी के बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी के चेयरमैन ने कड़ी आपत्ति जताते हुए जल्द से जल्द इन्हें हटवाने के निर्देश दिए हैं। ऐसा जहाजों और यात्री सुरक्षा के मद्देनजर किया जा रहा है। इसके लिए मुख्य सचिव को पत्र लिखा जाएगा। साथ ही भविष्य में एयरपोर्ट की ओर से निर्धारित परिक्षेत्र में किसी कंपनी के टॉवर की स्थापना के पूर्व अथॉरिटी की अनुमति को अनिवार्य किया जाएगा।

डोईवाला स्टेशन पर रुकेंगी ट्रेनें
एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए यात्री सुविधा को देखते हुए शताब्दी और नंदादेवी सरीखी ट्रेनों को डोईवाला स्टेशन पर एक मिनट के लिए रोके जाने की भी तैयारी है। इसके लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से रेल मंत्रालय को पत्र लिखा गया है। पत्र में कहा गया है कि यदि यह सुविधा आरंभ होती है तो न केवल देहरादून बल्कि हरिद्वार समेत अन्य नजदीकी जिलों के यात्री जॉलीग्रांट से फ्लाइट पकड़ सकेंगे। इसके अलावा देहरादून से जॉलीग्रांट के लिए लो-फ्लोर बसों के संचालन की भी योजना है।
विज्ञापन


एयरपोर्ट के विस्तार के लिए आवश्यक भूमि हमारे पास उपलब्ध है। केवल संसाधन और सुविधाओं को विकसित किया जाना है। यह कार्य बहुत जल्द आरंभ हो जाएगा, जिसे वर्ष 2020 तक समाप्त करने का लक्ष्य है। विस्तारीकरण के बाद जॉलीग्रांट एयरपोर्ट देश के प्रमुख एयरपोर्ट में शुमार होगा।
- नितिन कादियान, एयरपोर्ट मैनजर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें