उत्तराखंड और हिमाचल की सीमा पर प्रस्तावित 660 मेगावाट के किशाऊ हाइड्रो प्रोजेक्ट के लिए दोनों राज्यों का संयुक्त उपक्रम गठित कर लिया गया है। किशाऊ कॉरपोरेशन लिमिटेड के नाम से बने कॉरपोरेशन की जल्द ही देहरादून में बोर्ड बैठक होगी। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर में प्रस्तावित किशाऊ बांध परियोजना नेशनल प्रोजेक्ट घोषित है।
संयुक्त कॉरपोरेशन बनने के बाद अब प्रोजेक्ट पर कार्य के लिए वन, पर्यावरण व अन्य मंत्रालयों से जरूरी अनुमति लेने की प्रक्रिया में तेजी आ सकेगी। संयुक्त कॉरपोरेशन में दोनों राज्यों से छह-छह महीने के लिए प्रबंध निदेशक की नियुक्ति होगी।
इस प्रोजेक्ट में 90 फीसदी खर्च भारत सरकार द्वारा किया जाएगा। हिमाचल और उत्तराखंड को इस प्रोजेक्ट से आधी आधी बिजली मिलेगी। इसके अलावा हरियाणा, हिमाचल, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश को परियोजना से पानी की आपूर्ति भी होगी। परियोजना की जद में उत्तराखंड के नौ और हिमाचल प्रदेश के आठ गांव आ रहे हैं। इन गांव के लोगों का पुनर्वास भी होना है।
उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) के प्रबंध निदेशक एसएन वर्मा ने बताया कि हिमाचल के साथ संयुक्त कारपोरेशन पंजीकृत हो गया है। जल्द ही कॉरपोरेशन की बोर्ड बैठक में परियोजना से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर मंथन होगा। बोर्ड बैठक में दोनों राज्यों के मुख्य सचिव भी मौजूद रहेंगे।