छब्बीस साल से नेपाल में पढ़ा रहे एक भारतीय शिक्षक को वहां की सरकार नेपाल की नागरिकता न होने का हवाला देकर नौकरी से निकाल रही है।
इतना ही नहीं इस शिक्षक को पिछले पांच माह से वेतन भी नहीं दिया गया है। नेपाल के शिक्षा विभाग और लोकसेवा आयोग की परीक्षा पास इस शिक्षक ने दोनों देशों के दूतावासों और प्रधानमंत्रियों को पत्र भेजकर अपनी व्यथा बताई तथा नौकरी से निकाले जाने की स्थिति में परिवारजनों के साथ आत्मदाह की धमकी दी है।
शिक्षक का आरोप है कि नेपाल की सरकार जानबूझकर भारतीयों के साथ ऐसा व्यवहार कर रही है। मूल रूप से फिरोजाबाद (आगरा) निवासी जसवंत सिंह यादव ने बताया कि वह परिवार के साथ उत्तराखंड के बनबसा में रहते हैं और बनबसा से ही रोजाना नेपाल के श्री सिद्धनाथ उच्च माध्यमिक विद्यालय जिमुवा में पढ़ाने जाते हैं।