लूट की सूचना पर कोतवाल केसी भट्ट मौके पर पहुंचे और सूचना उच्चाधिकारियों को दी। इसके बाद एसपी सिटी देवेंद्र पींचा भी पहुंचे। उन्होंने बदमाशों को पकड़ने के लिए गदरपुर, किच्छा, पुलभट्टा और रुद्रपुर में घेराबंदी करने के निर्देश चौकी, कोतवाली और थाना प्रभारियों को दिए। बदमाशों की तलाश के लिए हर पुलिसकर्मी और अधिकारी दौड़ते रहे लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला।
इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो बदमाश नहीं दिखे। जब ज्वैलर्स से पूछताछ की तो उसने झूठी सूचना देने की बात स्वीकार कर ली। कोतवाल केसी भट्ट ने बताया कि ज्वैलर्स पर झूठी सूचना देने पर कार्रवाई की जाएगी।
खरीदी गई ज्वैलरी बेची और रची साजिश
कोतवाल भट्ट ने बताया कि आरोपी जरूरतमंदों से उनके सोने, चांदी के गहने गिरवी रखवाकर कर्ज देने का काम करता है। उसके ऊपर लोगों का कर्ज है। कर्जदारों के तकादे से बचने के लिए ही प्रदीप ने लूट की झूठी साजिश रची थी। प्रदीप ने रुद्रपुर के राजश्री ज्वैलर्स से एक लाख रुपये की ज्वैलरी उधार में ली थी और बिलासपुर में उसे एक ज्वैलर्स को बेचकर एक लाख रुपये ले लिए थे। प्रदीप ज्वैलरी बेचने से मिले एक लाख रुपये कर्जदारों को देने वाला था। इसके अलावा राजश्री ज्वैलर्स को ज्वैलरी के रुपये न देने पड़े, इसलिए लूट की झूठी सूचना पुलिस को दी थी। लेकिन सीसीटीवी फुटेज से प्रदीप का झूठ पकड़ा गया।