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Iजिला अदालत ने मंगलवार को एक आभूषण विक्रेता को एक साल की कैद और 8.25 लाख रुपये जुर्माना भरने की सजा सुनाई। विक्रेता ने शादी के लिए सोने के गहने बनाने का ऑर्डर लिया था लेकिन लाखों रुपये अग्रिम भुगतान लेने के बाद भी शादी के दिन तक गहने नहीं बनाए। इस कारण शिकायतकर्ता ने ऑर्डर रद्द करके रुपये वापस मांगे। आभूषण विक्रेता ने बहुत टाल-मटौल के बाद अग्रिम राशि का चेक दिया, जो बाउंस हो गया।
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Iजिला अदालत के न्यायिक मजिस्ट्रेट ईशांक राजपूत ने इस मामले में धामावाला बाजार के आभूषण विक्रेता मनीष वैद्य को दोषी ठहराया है। मामले में शिकायतकर्ता गढ़ी कैंट निवासी महेश बक्शी हैं। उन्होंने नवंबर 2015 में अपने बेटे की शादी के गहने बनवाने के लिए मनीष वैद्य को 5.50 लाख रुपये अग्रिम भुगतान किया था। 27 नवंबर 2015 को शादी के दिन तक गहने तैयार नहीं हुए। इस कारण महेश ने ऑर्डर रद्द करके रुपये वापस करने को कहा। मनीष दो साल तो टाल-मटौल करता रहा। आखिरकार दबाव पड़ने पर मार्च 2018 में चेक जारी कर दिया। महेश ने तय समय पर चेक बैंक में दाखिल किया, लेकिन अपर्याप्त राशि की वजह से बाउंस हो गया। अदालत ने मनीष को सजा सुनाने के साथ आदेश दिया है कि जुर्माने में से आठ लाख रुपये शिकायतकर्ता को मुआवजा दिया जाएगा, बाकी 25 हजार रुपये राजकोष में जमा होंगे। यदि आरोपी जुर्माना नहीं भरता है तो उसे 15 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।I