काउंसिलिंग में एक गलती की वजह से गत वर्ष नरेंद्रनगर निवासी सुशील आईआईटी रुड़की में सिविल इंजीनियरिंग में दाखिले से वंचित रह गए थे। इसके बावजूद वह हिम्मत नहीं हारे। उन्होंने नए सिरे से एक साल तक तैयारी की।
इस बार सुशील ने जेईई मेन-1 में 99.18 परसेंटाइल हासिल की है। उन्होंने फिजिक्स में 99.12, केमिस्ट्री में 99.45, मैथ्स में 97.12 परसेंटाइल स्कोर किया है। उनके पिता हर्षपति ठेकेदार हैं।
मां सुनीता गृहिणी हैं। सुशील का कहना है कि उन्हें इस बात का रंज तो था कि जिस आईआईटी में सिविल इंजीनियरिंग के लिए सबसे ज्यादा मारामारी रहती है, वह उससे वंचित रह गए। लेकिन, दोबारा तैयारी में जुटे हैं। इस बार अच्छे आईआईटी में दाखिला पाएंगे।