रोजाना घर पर वह सात घंटे पढ़ाई करते। उन्होंने बताया कि शुरुआत से ही केमिस्ट्री उनके लिए सबसे आसान रही। मैथ मुश्किल तो रही, लेकिन तैयारी अच्छी होने के कारण दिक्कत नहीं हुई।
प्रांजल के बड़े भाई वरुण अग्रवाल 2014 में आईआईटी के लिए चयनित हुए थे। आईआईटी गांधीनगर से बीटेक करने के बाद वह अमेरिका से पीएचडी कर रहे हैं। प्रांजल ने बताया कि गणित के शिक्षक भीमसेन नगवाण ने तैयारी में उनकी काफी मदद की।