फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

‘पांचाली’ में अब ये अभिनेता लेंगे टॉम आल्टर की जगह

Mon, 23 Oct 2017 04:07 PM IST
अजय रमोला/ अमर उजाला, मसूरी
विज्ञापन
जावेद जाफरी
विज्ञापन
बॉलीवुड अभिनेता और साहित्यकार टॉम आल्टर के निधन के बाद अब पांचाली फिल्म में जासूस का किरदार ये अभिनेता निभाएंगे।
विज्ञापन


पहले यह किरदार टॉम आल्टर को मिला था, लेकिन अचानक उनके निधन के चलते फिल्म के मुख्य किरदार के लिए जावेद जाफरी को मौका मिला है। दिसंबर से फिल्म की शूटिंग मुंबई, बैंकाक और मनाली की खूबसूरत वादियों में शुरू होगी। शामला पुनीत की बतौर निर्देशक यह फिल्म होगी। मसूरी भ्रमण पर पहुंचीं शामला पुनीत ने रविवार को अमर उजाला से खास बातचीत में फिल्म को लेकर विस्तार में बातचीत की।

उन्होंने बताया कि ‘पांचाली’ में टॉम ऑल्टर का किरदार मसूरी निवासी एक व्यक्ति का था, जो हिंदी और उर्दू बोलता है। खास बात यह है कि उनके किरदार का नाम भी वाल्टर ही था, जिसे उनकी शख्सियत के आधार पर ही गढ़ा गया था। वह फिल्म विदा यूनिफार्म वाले भारतीय जासूस का किरदार निभाने वाले थे। शामला पुनीत ने बताया कि फिल्म में दो नए समेत कुल पांच नायक हैं। इसके अलावा नायिका के रूप में राधिक आप्टे और श्रद्धा कपूर से संपर्क किया जा रहा है। बात नहीं बनने पर दिशा पटानी या तापसी पन्नू से संपर्क किया जाएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन

नामी हस्तियों के साथ काम कर शामला ने बनाई पहचान

19 साल पहले बतौर डिजाइनर बॉलीवुड में कदम रखा
फिल्म पांचाली के बारे में शामला पुनीत ने बताया कि यह एक आम औरत की जिंदगी पर आधारित होगी। हर कोई हमारी जिंदगी में कोई ने कोई छाप जरूर छोड़ जाता है। उस छाप को हम अपनी जिंदगी में किस तरह लेते हैं, पांचाली में उसी बात को उतारा जाएगा। फिल्म की कहानी उन्होंने खुद लिखी है। बाद में फिल्म को द्विभाषीय किया जाएगा। डायलॉग हनी ईरानी ने लिखे हैं। उन्होंने बताया कि उनकी फिल्म लम्हे देखकर मैं बड़ी हुई हूं। 

संघर्ष के दिनों को याद करते हुए शामला ने बताया कि 19 साल पहले बतौर डिजाइनर उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा। पहला टाइटल गाना ‘अफलातून’ था, जिसमें अक्षय कुमार और उर्मिला मतोंडकर का मुख्य किरदार था। इसके बाद ‘दिल्ली शहर में मारो घाघरो जो घूम गयो’, दलेर मेहंदी के ‘तुनक-तुनक’ में काम किया। टेलीविजन की दुनिया में पहचान बनाई और इसी दौरान डायरेक्शन का कोर्स भी किया। उन्होंने बताया कि रमन कुमार की सरहद पार, राजा भैया आदि फिल्मों में बतौर सहायक निर्देशक काम किया। बालिका वधू, विरासत में सहायक क्रिएटर रही। वर्ष 2010 में खुद का प्रोडक्शन हाउस खोला, जिसके जरिये देश के साथ ही अमेरिका और कनाडा में करीब 720 शो किए हैं। इसी दौरान टॉम आल्टर से मुलाकात हुई। वह जिंदादिल कलाकार थे। 2010 में मुुंबई में बीइंग इंडियन नाम से बड़ा फेस्टिवल टॉम को समर्पित किया गया। उन्होंने मेरी फिल्म के लिए सीनियर अमेरिकन इंडियन का रोल किया। इसके बाद उन्होंने हमारी तीन फिल्में साइन की। पांचाली में भी वे मुख्य जासूस का रोल करने वाले थे, लेकिन अचानक उनका निधन हो गया। वह हमेशा हमारे साथ रहेंगे।

फिल्म नीति में सुधार की जरूरत
फिल्मकारों के उत्तराखंड से मोह भंग होने पर फिल्म निर्देशक शामला भी मानती हैं कि यहां की फिल्म नीति बॉलीवुड कलाकारों और निर्देशकों को प्रोत्साहित करने वाली नहीं है। सरकार को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। यहां पर बहुत अच्छा काम हो सकता है। अगर नए फिल्मकारों को सब्सिडी दी जाए तो तस्वीर बदल सकती है। यूपी और गुजरात का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि सामाजिक मुद्दों, फिल्म निर्माण के लिहाज से इन राज्यों में महिला कलाकारों एवं निर्देशकों के लिए 40 से 70 फीसद तक छूट है। मसूरी में आधा भी मिल जाए तो फिल्मकारों के लिए अच्छी संभावना बन सकती है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें