प्रधानमंत्री जनधन योजना उत्तराखंड में भी रंग ला रही है। योजना के तहत अब तक राज्य के 15 हजार 580 गांवों में 19 लाख 81 हजार 940 बैंक खाते खोले जा चुके हैं। मंगलवार को इस बाबत आयोजित उप समिति की बैठक में योजना को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।
तीन जनवरी 2015 तक खोल दिए जाएंगे खाते
मुख्य सचिव एन रविशंकर, अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा, अपर सचिव वित्त आस्था लूथरा, वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाएं निदेशक मनीष गुप्ता, भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक आरएल शर्मा, एसबीआई के उप प्रबंध निदेशक डॉ. एमजी वैद्ययन, महाप्रबंधक बिश्वा केतन दास और महाप्रबंधक मुंबई गीतांजलि मिश्रा ने राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की उप समिति की बैठक में हिस्सा लिया।
बताया गया कि वंचित लोगों के खाते भी तीन जनवरी 2015 तक खोल दिए जाएंगे। बैठक में बीएसएनएल (भारत संचार निगम लिमिटेड) से अनुरोध किया गया है कि वह जनधन योजना के लक्ष्यों को आसानी से पूरा करवाने के लिए ब्राडबैंड या वाई मैक्स की सुविधा उपलब्ध कराए, ताकि ग्रामीणों को ऑनलाइन बैंकिंग की सेवाएं दी जा सकें।
बैठक में यह भी सामने आया कि वार्षिक ऋण योजना के तहत कुल लक्ष्य का 39 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जा चुका है। सभी बैंकों ने 91,084 बैंक खातों को आधार कार्ड से लिंक कर दिया है।
बैठक में बैंकों को निर्देश दिया गया है कि वह आवश्यक तौर पर गांवों में खोले जाने वाले बचत खाताधारकों को ‘एटीएम-रूपे-डेबिट कार्ड’ आवश्यक तौर पर उपलब्ध कराएं, जिसमें स्वत: ही एक लाख रुपये का दुर्घटना बीमा दिया जाता है।