जगुआर लैंड रोवर कंपनी ने विज्ञापन में दावा किया था कि कार 6.1 सेकेंड में 100 की रफ्तार पकड़ेगी। लेकिन 7.1 सेकेंड से ज्यादा समय लगा। राज्य उपभोक्ता आयोग ने इस पर अपना फैसला सुनाते हुए 1.65 करोड़ रुपये मय ब्याज लौटाने के लिए कहा।
जगुआर लैंड रोवर कंपनी की 1.65 करोड़ रुपये की डिफेंडर कार विज्ञापन में किए गए रफ्तार के दावे से एक सेकेंड पिछड़ गई। इसे लेकर कार मालिक ने राज्य उपभोक्ता आयोग में शिकायत की तो आयोग ने कंपनी को पूरी रकम वापस करने का आदेश दिए है। आयोग ने कहा कि महंगी कार होने का मतलब यह नहीं कि कंपनी अपनी जिम्मेदारी से बच सकती है।
इसके अलावा ग्राहक ने यह मुद्दा भी उठाया कि इस गाड़ी का फ्यूल टैंक का ढक्कन सेंट्रल लॉकिंग के साथ काम नहीं करता है। यह फीचर कार में मौजूद ही नहीं था। इस पर आयोग ने इसे मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट माना। ग्राहक का तीसरा मुद्दा यह था कि कार के नीचे से कुछ अजीब आवाजें आ रही थीं। इसके लिए वह उसे डीलर के पास ले गए तो वहां चेसिस में कटिंग और फिर वेल्डिंग कर दी गई। इसके लिए ग्राहक से कोई अनुमति नहीं ली गई।
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आयोग ने इस मामले में कहा कि चेसिस गाड़ी की रीढ़ होता है। इसमें छेड़छाड़ से गाड़ी की मूल गुणवत्ता खराब हो जाती है। इस पर कंपनी ने तर्क दिए कि यह काम डीलर ने किए तो यह उसकी जिम्मेदारी है। जबकि, आयोग ने इसमें मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट के लिए जगुआर लैंड रोवर इंडिया लिमिटेड को ही जिम्मेदार मानते हुए फैसला सुनाया। कंपनी को ग्राहक के मुकदमे का 50 हजार रुपये खर्च भी चुकाना होगा।