अब औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) से डिप्लोमा लेने वाले छात्रों को हाथोंहाथ नौकरी मिलेगी। इसके लिए प्रदेश के 25 आईटीआई को मॉडल बनाया जा रहा है।
खास बात यह है कि स्टेट काउंसिल ऑफ वोकेशनल ट्रेनिंग (एससीवीटी) के कई ट्रेड नेशनल काउंसिल ऑफ वोकेशनल ट्रेनिंग (एनसीवीटी) में शामिल किए जाएंगे। इसके बाद मॉडल आईटीआई से पास होने वाले छात्रों को देशभर की किसी भी कंपनी में नौकरी मिल सकेगी।
सरकार ने उत्तराखंड वर्क फोर्स डेवलपमेंट प्रोजेक्ट लांच करने की तैयारी पूरी कर ली है। इसके तहत 25 आईटीआई मॉडल बनेंगे। इनमें उद्योगों की मांग के हिसाब से नई ट्रेड शुरू की जाएंगी।
सरकार ने हर जिले में एक आईटीआई को मॉडल बनाने के साथ ही अच्छे इन्फ्रास्ट्रक्चर वाले आईटीआई को इसमें शामिल करने का फैसला लिया है। छात्राओं के लिए कुमाऊं में हल्द्वानी का आईटीआई और गढ़वाल में देहरादून का आईटीआई भी मॉडल बनाया जा रहा है।
इसके अलावा फैकल्टी की ट्रेनिंग के लिए दो ट्रेनिंग सेंटर भी खोले जाएंगे। उद्योगों में काम करने वाले लोगों को इन मॉडल आईटीआई में पढ़ाने के लिए बुलाया जाएगा। साथ ही इन आईटीआई का सिलेबस भी इंडस्ट्रीज की मदद से ही तैयार किया जाएगा।
प्रदेश सरकार का इरादा है कि जो भी छात्र इन मॉडल आईटीआई से पासआउट होंगे, उन्हें 100 प्रतिशत प्लेसमेंट मिलेगा। इसके लिए कई उद्योगों के साथ एमओयू भी साइन किया जा रहा है।