सभी सजाएं एक साथ चलेंगी
तहरीर के आधार पर पुलिस ने धारा 498 ए, 323, 504, 506 के तहत आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया। विवेचक प्रह्लाद सिंह ने मामले की विवेचना कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की ओर से नामिका अधिवक्ता मोहन राम आर्या ने मामले की पैरवी कर आठ गवाह पेश कराए।
कोर्ट ने गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर युवक को धारा 504 और 506 से दोषमुक्त करने का निर्णय सुनाया जबकि धारा 498 ए में आरोपी को दो साल के साधारण कारावास और दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। धारा 323 के तहत छह महीने का साधारण कारावास और एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड जमा न करने पर एक महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भोगना होगा। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।