पिथौरागढ़ जिले के विभिन्न हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भारी बारिश के कारण जिले की 10 आंतरिक सड़कों के बंद रहने से लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। भारी बारिश से बेड़ूमहर में दो मकानों को खतरा हो गया।
सैणराथी (बेडूमहर) में राजेंद्र सिंह और पोखर सिंह के घर के आंगन की दीवार ध्वस्त हो गई। इससे आवासीय मकानों को खतरा पैदा हो गया है। इधर, ग्राम पंचायत किमखेत में बारिश से नारायण सिंह और गोपाल सिंह का मकान ध्वस्त हो गया। प्रभावित पड़ोसियों के घर में शरण लिए हुए हैं। प्रभावित ने सरकार से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।
मुनस्यारी में जिले भर में सर्वाधिक 48.00 एमएम बारिश हुई। धारचूला में 32.20, बेड़ीनाग में 16.70 और डीडीहाट में 8.50 एमएम बारिश हुई। लगातार हो रही बारिश के कारण रामगंगा, सरयू, काली, भुजगड़ और जाकुला नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। इससे नदी किनारे रह रहे लोग सहमे हुए हैं। प्रशासन ने लोगों से नदियों के किनारे न जाने की अपील की है।
पिथौरागढ़ जिले में बारिश के कारण 10 आंतरिक सड़कें बंद हैं। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भारी बारिश के कारण थल- मुनस्यारी सड़क भी 10 घंटे बंद चल रही है। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई।
लगातार हो रही बारिश के कारण भट्टीगांव-क्वारैली सड़क, तवाघाट-घटियाबगड़, कपकोट सामा- तेजम, नाचनी-भैसकोट, सेलमाली-दाखिम, मसूरीकांडा-होकरा, बांसबगड़-धामीगांव, बंगापानी-जाराजीबली, पौड़ी-घटकूना, मदकोट-दारामा सड़क बंद चल रही है। इसके बाद भी लोनिवि इन बंद सड़कों को खोलने को लेकर कोई प्रयास नहीं कर रहा है।
सड़कों के बंद होने से 10 हजार से अधिक की आबादी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने शीघ्र बंद पड़ी सड़कों को खोलने की मांग की है। ग्रामीणों ने शीघ्र सड़कों को नहीं खोलने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।