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I- सभी लैब को अपने ब्लड कलेक्शन सेंटरों की सूची स्वास्थ्य विभाग को देनी होगीI
जिले की सभी लैबों को अपने यहां होने वाली जांचें और उनकी दरों की सूची संस्थान में चस्पा करनी अनिवार्य कर दी गई है। साथ ही अपने ब्लड कलेक्शन सेंटरों की सूची तैयार कर स्वास्थ्य विभाग को देनी होगी। लैबों में सूची, दर व पंजीकरण की जांच के क्रम में शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग ने दो लैबों को नोटिस थमा दिया।
सीएमओ डॉ. संजय जैन के निर्देश पर जिले में संचालित निजी पैथोलॉजी लैबों का शुक्रवार को औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट सेक्शन की टीम दून में संचालित डॉ. संजना नौटियाल पैथोलॉजी लैब, सीएमआई हॉस्पिटल में संचालित पैथोलॉजी लैब, मॉडर्न पैथोलॉजी लैब, सुश्रुत हॉस्पिटल में संचालित टाटा वन एमजी ब्लड कलेक्शन सेंटर, अवस्थी पैथोलॉजी लैब पहुंची। टीम ने सभी लैब से पंजीकरण प्रमाणपत्र, पैथोलॉजिस्ट, लैब टैक्नीशियन और ब्लड कलेक्शन सेंटर की जानकारी मांगी।
Iइनकों जारी किए गए नोटिसI
एसीएमओ (सीईए) डॉ. सीएस रावत ने बताया कि निरीक्षण के दौरान सुश्रुत हॉस्पिटल में संचालित टाटा वन एमजी ब्लड कलेक्शन सेंटर के पास क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट के तहत पंजीकरण का प्रमाण नहीं पाया गया। साथ ही लैब टैक्नीशियन नहीं था जिस पर लैब को नोटिस जारी किया गया। अवस्थी पैथोलॉजी लैब को लैब टैक्नीशियन का पंजीकरण पैरामेडिकल काउंसिल में न होने के कारण नोटिस जारी किया गया। टीम की ओर से डॉ. संजना नौटियाल पैथोलॉजी लैब, सीएमआई हॉस्पिटल में संचालित पैथोलॉजी लैब को कलेक्शन सेंटर से संबंधित सूची उपलब्ध कराने के निर्देश और डेंगू जांच से संबंधी दिशा-निर्देश दिए गए।
Iब्लड कलेक्शन सेंटर की सूची मांगीI
सीएमओ डॉ. संजय जैन ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर सभी लैब संचालकों को निर्देश दिए गए कि वह अपने सभी ब्लड कलेक्शन सेंटर की सूची विभाग को उपलब्ध कराएं। सभी लैब और ब्लड कलेक्शन सेंटर सीईए एक्ट में अनिवार्य रूप से पंजीकृत किए जाएंगे। लैबों को जांच और नियत दरों की सूची अपने संस्थान में चस्पा करनी होगी। मरीजों की अनावश्यक जांच ना कराएं और नियमानुसार नियत शुल्क से अधिक न लें। निर्देशों का उल्लंघन किए जाने पर क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।