डीसीबी के इन अफसरों पर गिरी जांच
जांच प्रभावित न हो, इसलिए संबंधित निबंधकों का तबादला किया जा रहा है। दूसरी तरफ निबंधक सहकारी समितियां, उत्तराखंड के आदेश और शासन की संस्तुति पर सदस्य सचिव संवर्ग प्राधिकारी, सहकारी बैंक केंद्रीयत सेवा ईरा उप्रेती की ओर से महाप्रबंधकों के स्थानांतरण आदेश जारी किए गए हैं। डीसीबी भर्ती घोटाले की जांच प्रभावित न हो, इसके मद्देनजर शासन ने चार जिला सहायक निबंधक और तीन महाप्रबंधकों को इधर से उधर कर दिया है, जबकि एक महाप्रबंधक का कार्य विस्तार समाप्त कर दिया है। आदेश के मुताबिक सचिव सहकारिता मीनाक्षी सुंदरम की ओर से जारी तबादला आदेश के तहत हरिद्वार के जिला सहायक निबंधक (एआर) राजेश चौहान को देहरादून भेजा गया है। वहीं, एआर पिथौरागढ़ सुरेंद्र पाल को हरिद्वार स्थानांतरित किया गया है।
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ऊधमसिंह नगर के महाप्रबंधक को भी कैडर कार्यालय दून भेजा
एआर अल्मोड़ा हरीश चंद्र खंडूड़ी को चंपावत तो एआर चंपावत से मनोहर सिंह मार्तोलिया को पिथौरागढ़ भेजा गया है। अल्मोड़ा जिले के एआर का अतिरिक्त प्रभार मनोज कुमार, जिला सहायक निबंधक बागेश्वर को सौंपा गया है। इसके अलावा जिला सहायक निबंधक व अपर जिला सहकारी अधिकारी देहरादून भारत सिंह को दूसरे जनपद में स्थानांतरित करने के लिए निबंधक सहकारी समितियां को निर्देशित किया गया है। मामले की जांच प्रभावित न हो, इसलिए तीन जिलों के महाप्रबंधकों को हटाया गया है। सचिव व महाप्रबंधक जिला सहकारी बैंक अल्मोड़ा नरेश चंद को जांच पूरी होने तक कैडर कार्यालय देहरादून भेजा गया है। जबकि उनकी जगह डीसीबी नैनीताल के महाप्रबंधक प्रकाश चंद्र दुम्का को चार्ज सौंपा गया है। इसी तरह से डीसीबी पिथौरागढ़ के महाप्रबंधक सुरेंद्र कुमार प्रभाकर को भी कैडर कार्यालय देहरादून भेजा गया है। उनकी जगह पिथौरागढ़ के उप महाप्रबंधक एनएन भट्ट को कार्यभार सौंपा गया है। डीसीबी ऊधमसिंह नगर के महाप्रबंधक रामअवध को भी कैडर कार्यालय देहरादून भेजा गया है। उनकी जगह उप महाप्रबंधक दिग्विजय सिंह को चार्ज सौंपा गया है।
डीसीबी देहरादून की महाप्रबंधक का सेवा विस्तार समाप्त
इस प्रकरण से सबसे बड़ी गाज देहरादून जिला सहकारी बैंक की महाप्रबंधक वंदना श्रीवास्तव पर गिरी है। सदस्य सचिव संवर्ग प्राधिकारी, सहकारी बैंक केंद्रीयत सेवा ईरा उप्रेती की ओर से जारी आदेश के अनुसार उनका सेवा विस्तार समाप्त कर दिया गया है। वंदना श्रीवास्तव का कार्यकाल 30 सितंबर 2021 को पूरा हो गया था। इसके बाद उन्हें छह माह का सेवा विस्तार दिया गया था। 31 मार्च 2022 को उनका पहला सेवा विस्तार भी समाप्त हो गया था। इसके बाद उन्हें लगातार दूसरा सेवा विस्तार दे दिया गया था। बताया जा रहा है कि वंदना को दोनों सेवा विस्तार नियमों को ताक पर रखकर दिए गए। विभागीय सूत्रों के अनुसार, सहकारिता के नियमों के अनुसार सेवानिवृत्ति के बाद किसी अधिकारी को सांविधानिक सलाहकार तो बनाया जा सकता है, लेकिन विभाग में पद पर नहीं रखा जा सकता है। इस मामले में वंदना को सेवा विस्तार दिए जाने की भी जांच हो सकती है। फिलहाल उनकी जगह महाप्रबंधक डीसीबी टिहरी एस. सिंह को अतिरिक्त चार्ज सौंपा गया है।