वन विभाग के साथ निवेशक सम्मेलन में 11 एमओयू हुए थे। इसमें एक ही एमओयू 1000 करोड़ रुपए था पर उसकी समय अवधि पूरी हो गई। जो एमओयू हुआ था, उसके आधार पर अपेक्षित काम तक नहीं हो सका है। राज्य में दिसंबर-2023 निवेशक सम्मेलन हुआ था।
इस सम्मेलन में रिन्यू पॉवर सिनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक हजार करोड़ का एमओयू हुआ। इसमें कार्बन सीक्वेस्ट्रेशन के तहत काम किया जाना था। इस प्रोजेक्ट के तहत पौधरोपण और कृषि वानिकी से जुड़े कार्य होने थे। किस साल में कितना रोजगार सृजित होगा, उसका भी एमओयू में उल्लेख किया गया।
एमओयू में राज्य सरकार निवेशक को परियोजना शुरू करने के लिए सभी आवश्यक अनुमोदन और मंजूरी प्राप्त करने में सहायता प्रदान करेगी, इसका भी जिक्र किया गया। इस एमओयू पर प्रमुख सचिव वन ने हस्ताक्षर किए थे।
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इस एमओयू की अवधि 12 महीने की थी। इस पर जून-2024 में काम शुरू होना था। पर यह निवेश धरातल पर नहीं उतर सका है। बात कागजों और मीटिंगों से आगे नहीं बढ़ सकी है। वहीं, इस मामले में वन मुख्यालय ने भी चुप्पी साधी हुई है।