राज्य गठन के बाद तीन मैदानी जिलों में जहां औद्योगिक निवेश बढ़ा हैं, वहीं पहाड़ों से पलायन बढ़ा है। पिछले 19 सालों में औद्योगिक विकास की रफ्तार हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और देहरादून जिलों तक ही सीमित रही हैं। पहाड़ों में एक भी बड़ा उद्योग स्थापित नहीं हुआ है। ऐसे में युवाओं को रोजगार के लिए मैदानों की तरफ पलायन करना पड़ा। अब सरकार ने पर्वतीय क्षेत्रों में औद्योगिक विकास के लिए अलग-अलग क्षेत्र चिन्हित कर सर्विस सेक्टर पर फोकस किया है।
राज्य बनने के समय उत्तराखंड में कुल 9000 करोड़ रुपये का औद्योगिक निवेश था। जो 19 सालों में बढ़ कर 50 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह निवेश मैदानी जिले हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और देहरादून से आगे नहीं बढ़ पाया है। पहाड़ों में रोजगार उपलब्ध न होने से युवाओं को मैदानों में आना पड़ा। पारंपरिक हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट लघु एवं कुटीर उद्योग भी बहुराष्ट्रीय कंपनियों से प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाए। वर्तमान में प्रदेश में 60466 एमएसएमई इकाइयां स्थापित है। जिसमें 12 हजार 743 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। जबकि 293 बड़े उद्योग में 36 हजार 388 करोड़ का निवेश हुआ है। पर्वतीय क्षेत्रों में औद्योगिक विकास में सबसे बड़ी बाधा पर्याप्त भूमि, कनेक्टिविटी और ढांचागत विकास का न होना है।
पहाड़ों में उद्यमिता विकास को बढ़ावा देकर पलायन को रोकने के लिए सरकार ने वर्ष 2015 में एमएसएमई पॉलिसी को लागू किया। इसके तहत छोटे उद्योग लगाने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया गया। पर्वतीय क्षेत्रों की श्रेणी बना कर सब्सिडी व ब्याज दर में छूट का प्रावधान भी किया। इसके साथ ही ग्रोथ सेंटर, पर्यटन एवं वेलनेस, कृषि आधारित फूड प्रोसेसिंग आदि तमाम क्षेत्रों को चिन्हित कर सरकार निवेशकों को प्रोत्साहित कर रही है।
- सुधीर चंद्र नौटियाल, निदेशक, उद्योग विभाग
यह बात सही है कि जिस गति से पहाड़ों में औद्योगिक विकास होना चाहिए था, वह नहीं हुआ है। निवेश वहीं होता है, जहां उद्योग लगाने के लिए आधारभूत ढांचे का विकास, कनेक्टिविटी, व भूमि की उपलब्धता हो। पहाड़ों में निवेश के लिए सरकार को व्यवहारिक पक्ष को ध्यान में रखते हुए लोगों में विश्वास पैदा करने की जरूरत है।
- पंकज गुप्ता अध्यक्ष, इंडस्ट्री एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड
ये है प्रदेश के सात औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योगों की स्थिति
औद्योगिक क्षेत्र क्षेत्रफल (एकड़ में) उद्योग निवेश (करोड़ में)
हरिद्वार 1665 713 7500
पंतनगर 3234 526 16225
सेलाकुई 50 39 250
कोटद्वार 100 120 610
आईटी पार्क देहरादून 72.35 60 676
सितारगंज 1093 367 2200
सितारगंज-दो 1763.57 11 2297