दमयंती रावत का विवादों से जुड़ा रहा है नाता
शिक्षा विभाग में खंड शिक्षा अधिकारी रहीं दमयंती रावत का नाता विवादों से जुड़ा रहा है। दमयंती को लेकर पूर्व में मंत्री रहे हरक सिंह रावत और पूर्व शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे आमने सामने आ गए थे। शिक्षा विभाग की अनुमति के बिना उन्हें कर्मकार बोर्ड का अपर सीईओ बना दिया गया था। तत्कालीन शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने इस पर नाराजगी जताई थी। उनका कहना था कि दमयंती के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर उन्हें बर्खास्त किया जाएगा। तत्कालीन शिक्षा सचिव भूपिंदर कौर औलख ने मामले की जांच के आदेश देते हुए तीन दिन में रिपोर्ट मांगी थी। पूर्व शिक्षा मंत्री नैथानी के बीच भी दमयंती रावत को लेकर विवाद हो चुका है। दमयंती पूर्व मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत की करीबी मानी जाती हैं।
शासन ने जांच समिति गठित की, पर जांच अधिकारी हैं इससे बेखबर
शिक्षा विभाग के कारनामे भी अजब-गजब हैं। शासन ने शिक्षा विभाग के जिस अधिकारी को दमयंती से जुड़े प्रकरण में जांच अधिकारी के रूप में शामिल किया है, उन्हें इसकी जानकारी ही नहीं है। शिक्षा सचिव रविनाथ रमन की ओर से जो जांच समिति गठित की गई है, उसमें उप शिक्षा निदेशक हरेराम यादव को जांच अधिकारी के रूप में शामिल किया गया है, लेकिन उप शिक्षा निदेशक हरेराम यादव का कहना है कि वह 30 जून को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। वह जांच समिति में शामिल हैं, उन्हें इसकी जानकारी ही नहीं है।