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डेढ़ साल में 1893 जांचें, इस विभाग के इंजीनियरों को नहीं मिलेगा प्रमोशन

Sun, 05 Mar 2017 08:02 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,देहरादून
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- फोटो : demo pic
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लोक निर्माण विभाग के 65 इंजीनियर सड़क निर्माण में कोताही बरतने के दोषी पाए गए हैं। इन सभी के खिलाफ पिछले एक साल के दौरान जांच बैठाई गई थी। क्वालिटी कंट्रोल को लेकर कराई गई इन जांचों में इन सभी इंजीनियरों को चार्जशीट किया गया। उनके सभी प्रकरण शासन में कार्रवाई के लिए लंबित है, जिन पर नई सरकार के गठन के बाद कार्रवाई होगी। 
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बहरहाल, जांच में दोषी पाए गए तीन अधीक्षण अभियंताओं और इतने ही अधिशासी अभियंताओं का प्रमोशन खटाई में पड़ गया। उनके दोषमुक्त होने तक उनकी पदोन्नति के लिफाफे नहीं खुलेंगे।
 
डेढ़ साल में 1893 जांचें

पिछले डेढ़ साल के दौरान विभाग ने 1893 जांचें की। इनमें पांच से 10 फीसदी मामलों में स्थानीय लोगों की लिखित शिकायतों पर जांच की गईं। बाकी प्रकरणों में विभागीय स्तर पर जांच बैठी। जांच के ज्यादातर प्रकरण सड़क निर्माण से संबंधित थे। इनमें 823 प्रकरणों में निर्माण कार्य संतोषजनक पाया गया। 970 प्रकरणों में संबंधित अभियंताओं को कार्य सुधारने की हिदायत के साथ छोड़ा गया। किंतु 71 प्रकरणों में कार्य संतोषजनक नहीं पाया गया। इनमें से 27 प्रकरणों में 65 इंजीनियरों को चार्जशीट किया गया है।
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जेई से लेकर एसई तक दोषी   
विभागीय सूत्रों के अनुसार, सड़क निर्माण में लापरवाही बरतने वालों में अवर अभियंता, सहायक अभियंता, अधिशासी अभियंता और अधीक्षण अभियंता तक शामिल हैं। एक ही प्रकरण में तीन-तीन इंजीनियरों को चार्जशीट किया गया है।
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इनके खिलाफ भी चल रही जांच

- फोटो : demo pic
जांच गतिमान, प्रमोशन लटका
जानकारी के मुताबिक, सड़क निर्माण में कोताही बरतने वाले इंजीनियरों को प्रमोशन से हाथ धोना पड़ रहा है। ऐसे कई प्रकरण सामने आ चुके हैं। एक दर्जन सहायक अभियंताओं के प्रमोशन होने हैं,
जिनमें से तीन के खिलाफ जांच गतिमान है, जिसके चलते उनके लिफाफे तब तक नहीं खुलेंगे जब तक उनकी जांच पूरी नहीं हो जाती। जांच में दोषमुक्त पाये जाने के बाद ही उन्हें प्रमोशन के काबिल माना जाएगा।

जांच से आया सुधार
क्वालिटी कंट्रोल का प्रभार देख रहे मुख्य अभियंता(मुख्यालय) आरसी पुरोहित के मुताबिक, जांच की कार्रवाई से कार्यों की गुणवत्ता में सुधार आया है। जांच की जिम्मेदारी दूसरे सर्कल या मंडल के अधिकारी को सौंपी जाती है ताकि तटस्थता के साथ जवाबदेही तय हो सके।
उन्होंने बताया कि जिन 71 प्रकरणों में कार्य संतोषजनक नहीं पाया गया है, उनमें गंभीर प्रवृत्ति के प्रकरणों में 65 अभियंताओं को चार्जशीट कर उनकी रिपोर्ट अग्रिम कार्रवाई के लिए शासन को भेजी गई है। उन्होंने माना कि ऐसे प्रकरणों में दोषी अभियंताओं के प्रमोशन पर आंच आ सकती है।
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