रोहिंग्या शरणार्थी प्रमुख रूप से म्यांमार (बर्मा) के अराकान प्रांत के अल्पसंख्यक मुस्लिम हैं। म्यांमार में इनकी संख्या करीब आठ लाख है। लेकिन वहां के लोग और सरकार इन्हें अपना नागरिक नहीं मानती। बड़ी संख्या में रोहिंग्या लोग बांग्लादेश और थाईलैंड की सीमा पर स्थित शरणार्थी शिविरों में रह रहे हैं। वर्ष 1785 में बर्मा के बौद्ध लोगों ने देश के दक्षिणी हिस्से अराकन पर कब्जा कर लिया था। तब उन्होंने रोहिंग्या मुस्लिमों को इलाके से बाहर खदेड़ दिया था।
यूपी, दिल्ली और हरियाणा में है रोहिंग्या
पुलिस सूत्रों के अनुसार यूपी, दिल्ली और हरियाणा में सैंकड़ों रोहिंग्या अवैध रूप से रह रहे हैं। वहीं केंद्रीय गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 40 हजार रोहिंग्या गैर कानूनी तरीके से रह रहे हैं। जिनकी संख्या जम्मू में सबसे अधिक है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जिले की सीमा यूपी से सटे होने पर इनकी घुसपैठ बढ़ सकती है। (संवाद)
रोहिंग्या शरणार्थियों की घुसपैठ की आशंका को लेकर पूरे प्रदेश की पुलिस और खुफिया विभाग को सतर्क किया गया है। गोपनीय एजेंसियों को इन लोगों पर नजर रखने और संदिग्ध स्थानों पर तलाशी लेने के निर्देश दिए गए हैं।
- अशोक कुमार, डीजीपी