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पढ़िए, जीत के बाद महारानी राज्य लक्ष्मी का पहला इंटरव्यू

Sat, 17 May 2014 02:06 PM IST
रजा शास्त्री/अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड में टिहरी लोकसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी माला राज्य लक्ष्मी शाह ने धमाकेदार जीत हासिल की है। वर्ष 2012 के उपचुनाव में वह 25 हजार वोटों से जीती थीं।
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इस बार उन्हें 1 लाख 92 हजार वोटों से विजयश्री मिली है। शुक्रवार शाम मतगणना के बाद वे रिटर्निंग अफसर के पास जीत का सर्टिफिकेट लेने पहुंचीं।

सफलता से आह्लादित माला राज्य लक्ष्मी शाह लोगों से बड़ी खाकसारी से मिलीं। सर्टिफिकेट मिलने के बाद अमर उजाला ने उनसे खास बातचीत की।

मोदी लहर ने तो काम किया

- मोदी लहर के अलावा आपकी जीत के लिए और कौन से फैक्टर रहे?
(थोड़ा गंभीर हुईं, फिर मुस्कराईं) देखिये, जीत के लिए मोदी लहर तो एक कारण है ही लेकिन सारे कार्यकर्ताओं, पार्टी नेताओं की इसमें मशक्कत भी है। (विधायक गणेश जोशी, हरबंस कपूर और चुनाव संयोजक ज्योति गैरोला की तरफ इशारा करते हुए) मेरी जीत में इन लोगों की भी अहम भूमिका है। मोदी लहर ने तो काम किया ही।

- सांसद बनने के बाद किस समस्या का हल पहले करेंगी?
पहाड़ पर एक समस्या नहीं है, समस्याएं हैं। लोगों को मुझसे आशाएं बहुत हैं। बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य कोई भी समस्या हो, सब अहम हैं। सारी समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास करूंगी, जिससे लोगों को जल्दी से जल्दी राहत मिल सके।
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पर्वतीय क्षेत्रों के लिए अलग से मॉडल

- हरबर्टपुर की रैली में नरेंद्र मोदी ने पर्वतीय क्षेत्रों के लिए अलग मॉडल बनाने की बात कही थी। किस तरह के मॉडल के लिए मशविरा देंगी?
हां, मोदी जी ने पर्वतीय क्षेत्रों के लिए अलग से मॉडल बनाने की बात की थी। इस मॉडल को तैयार किया जाएगा। इसका स्वरूप क्या होगा? इस संबंध में पार्टी नेताओं, लोगों से बात की जाएगी। इसका खाका तैयार करके मोदी जी को देंगे।

- क्या उत्तराखंड के लिए विशेष पैकेज लाएंगी?
बिल्कुल, प्रदेश के वास्ते विशेष पैकेज लाया जाएगा। इस संबंध में मोदी जी से बात करेंगे। विशेष पैकेज मिलने से पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं का समाधान और विकास हो सकेगा। पैकेज जल्दी मिले इसके लिए किसी स्तर पर कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

- चुनावी प्रतिद्वंद्वी आरोप लगाते हैं कि आप संसद में प्रश्न नहीं पूछती, जनता के बीच नहीं जातीं। ऐसा क्यों?
(जोर से हंसकर) जो लोग यह बात करते हैं, उन्हें अब तो प्रूफ मिल गया। जनता का यह समर्थन ही उसका जवाब है।
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