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उत्तराखंड : सरकारी योजनाओं में निवेश का झांसा देकर ठगने वाला अन्तर्राज्यीय गिरोह का सरगना गिरफ्तार

Tue, 01 Feb 2022 05:26 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क , अमर उजाला, देहरादून

सार

कन्याधन, वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन, बेरोजगार पेंशन,  बच्चों की पढ़ाई का लोन, बेटी की शादी के नाम पर  बैंक और सरकारी योजनाओं  से लोन दिलाने के नाम पर अपनी कंपनी में रजिस्ट्रेशन करने के लिए 300, 500, 600 रुपए की फीस की रसीद काटता था। जमानत पर रहते हुए भी आरोपी ने ठगी का काम फिर से किया था शुरू ।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : PTI
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विस्तार
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विदेशी कंपनी के 26 अरब 18 करोड़ 40 लाख रुपए दिखाकर भारत में सरकारी योजनाओं में निवेश का झांसा देने वाले गिरोह का सरगना हरिद्वार से गिरफ्तार किया गया।  ठगों के विरुद्ध एसटीएफ की लगातार कार्यवाही चल रही थी। आरोपियों द्वारा कांग-डीए- एक्सएलए हेल्थकेयर लि0, कांग-डीए-एक्सएलए इन्टरनेशनल लि0, कांग-डीए-एक्सआईए इन्टरनेशनल स्टूडियो प्रा0लि0, इंटरनेशनल बुद्धिज़्म फाउंडेशन, स्वर्ण भूमि इंन्टरनेशनल बुद्धिज़्म फाउंडेशन आदि के नाम से  फर्जी संस्थाएं खोली गई थी।
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 गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में पता चला कि कृष्णकांत द्वारा अपने आठ साथियों के साथ मिलकर वर्ष 2020 में जनपद हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र में “इंटरनेशनल बुद्धिज़्म फाउंडेशन” नाम की कंपनी खोली गई थी, जिसमें वो लोगों को बैंक और सरकारी योजनाओं में लोन दिलाने के नाम पर फीस वसूलने के काम करता था।  

 कन्याधन, वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन, बेरोजगार पेंशन के लिए लेता था फीस
 कन्याधन, वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन, बेरोजगार पेंशन,  बच्चों की पढ़ाई का लोन, बेटी की शादी के नाम पर  बैंक और सरकारी योजनाओं  से लोन दिलाने के नाम पर अपनी कंपनी में रजिस्ट्रेशन करने के लिए 300, 500, 600 रुपए की फीस की रसीद काटता था। आरोपी लोगों को ये झांसा देता था कि रजिस्ट्रेशन करने पर आपको 1 साल बाद 2 लाख रूपये का लोन पास हो जाएगा।  
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आरोपी फीस की रकम कम लेते थे, जिससे काम न होने पर पीड़ित व्यक्ति शिकायत नहीं करते थे।  लेकिन कई व्यक्तियों से फीस लेने से बड़ी रकम जमा हो जाती थी। इसके अलावा लोगों को एक मुश्त कंपनी के द्वारा विदेशी कंपनी में निवेश करने पर  35 से 40 प्रतिशत प्रतिवर्ष ब्याज का लालच देते थे। और उसके अगले साल कुल रकम पर 45 प्रतिशत ब्याज चुकाने का झांसा दिया जाता था। 

इसकी एक एफडी बनाकर पीड़ित को दी जाती थी। आरोपी के बैंक विवरण के विश्लेषण में ज्ञात हुआ कि विभिन्न पीड़ितों द्वारा 25 लाख रुपए का लेनदेन किया गया है। आरोपी और उसके साथियों द्वारा नकद या बैंक द्वारा कितनी धनराशि ठगी गई है। इसके बारे में पता किया जा रहा है। 
 

जमानत पर होने के बावजूद करता रहा ठगी का काम
आरोपी व उसके साथियों के विरुद्ध पूर्व में उत्तर-प्रदेश के जनपद सहारनपुर  में  थाना नागल तथा सदर बाजार में मुकदमा पंजीकृत हुआ था, जिसमें अभियुक्त कृष्णकान्त के साथ उसके अन्य सात साथी अमित निवासी मोहनपुर सहारनपुर, अक्षय निवासी शेखपुरा कदीम सहारनपुर, अंकित कुमार निवासी बहादरपुरजट हरिद्वार, अनुज कुमार सहारनपुर, जुरेश कुमार  देवबंद सहारनपुर, राजू भाटिया देवबन्द सहारनपुर, शेरपाल चौहान हरिद्वार सम्मिलित थे।


हरिद्वार की कोतवाली गंगनहर में अभियोग पंजीकृत है। इसके अन्य साथी अभी जेल में हैं। गिरफ्तार किया गया अभियुक्त कृष्णकान्त अभी जमानत पर है। जमानत पर रहते हुए आरोपी ने इस तरह की ठगी काम फिर से शुरू कर दिया था।

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