पर्यटन विभाग, जीएमवीएन और परमार्थ निकेतन के संयुक्त सहयोग से आयोजित सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के दूसरे दिन साधकों ने प्रणायाम सहित अन्य योग क्रियाएं की।
अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के रंगारंग आगाज में आश्रम गुरुकुल के ऋषि कुमारों और चीनी साधकों ने योग की कई जटिल क्रियाओं का शानदार प्रदर्शन किया।
बतौर मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि मां गंगा की तरह दुनिया को योग का संदेश देने की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से सरकार अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव से विश्व को योग के जरिये निरोग रहने का संदेश देना चाहती है।
योग महोत्सव में 72 देशों से करीब 1100 साधक और योग जिज्ञासु प्रतिभाग कर रहे हैं। महोत्सव में 20 देशों के 70 योगाचार्य और विशेषज्ञ 150 सत्रों में आध्यात्म, ध्यान, योग की विभिन्न विधाओं की जानकारी देंगे।
पार्ट टाइम योग शिक्षकों को एडवांस ट्रेनिंग
अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राज्य में पार्ट टाइम योगा टीचरों की नियुक्ति के संबंध में बताया कि इस विषय पर सरकार कार्य कर रही है।
उन्हें योग की एडवांस ट्रेनिंग देकर पार्ट टाइम योगा टीचर के रूप में नियुक्त किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य महज सरकारी स्कूलों में योग शिक्षकों को तैनात किए जाने से नहीं, बल्कि योग प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले इससे आजीविका भी प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही लोगों को मिशन के तहत स्वस्थ बनाने का कार्य करें।
लिहाजा पार्ट टाइम योग शिक्षकों को नियुक्ति से पूर्व एडवांस कोर्स कराकर दक्ष बनाया जाएगा। इस कार्य की जिम्मेदारी परमार्थ निकेतन के सहयोग से जीएमवीएन निभाएगा। सीएम ने बताया कि राज्य सरकार के पास पर्याप्त धन उपलब्ध होने पर ऋषिकेश से हरिद्वार तक प्रस्तावित आस्था पथ पर योग कुटीर बनाए जाएंगे। उन्होंने चौरासी कुटिया और नीलकंठ क्षेत्र को भी ध्यान-योग के रूप में विकसित करने की बात कही।
पहाड़ में योग महोत्सव की श्रंखला जल्द
इंटरनेशनल योग महोत्सव के मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश के योग महोत्सव और हरिद्वार में होने वाले योग महाकुंभ के बाद राज्य सरकार देवप्रयाग, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में भी योग महोत्सव का आयोजन करेगी।
उन्होंने बताया कि अक्तूबर में जागेश्वर धाम में एक और योग महाकुंभ का आयोजन किया जाएगा। उम्मीद है कि पहाड़ में आयोजित इस योग महाकुंभ में भी हजारों साधक उमड़ेंगे।