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ऋषिकेश: कोरोना के बीच अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव ने पूरे किए 30 वर्ष, 1992 में हुआ था पहला आयोजन 

Mon, 08 Mar 2021 01:35 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal विनोद मुसान , अमर उजाला, ऋषिकेश
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अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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उत्तर-प्रदेश के जमाने में वर्ष 1992 में शुरू हुआ योग महोत्सव का सफर रविवार को इस वर्ष के महोत्सव की समाप्ति के साथ 30 वर्ष का हो गया। एक सप्ताह से यहां मुनिकीरेती में गढ़वाल मंडल विकास निगम और पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में गंगा तट पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव अच्छे और बुरे पहलुओं से होकर गुजारा। कोविड महामारी के बीच हुए इस आयोजन ने पिछले 30 वर्ष के सफर की उम्मीद को आगे बढ़ाया तो हर बार की तरह इस बार भी कुछ लचर खामियां नजर आईं।

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इस बात में कोई दो राय नहीं कि तीर्थनगरी ऋषिकेश ने योग विधा को अंतरराष्ट्रीय फलक पर पहुंचाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यहां से हजारों की संख्या में युवक-युवतियां योग का प्रशिक्षण प्राप्त कर योगाचार्य के रूप में आज देश-दुनिया में योग के विस्तार में महती भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में इस प्रकार के आयोजन का तीर्थनगरी में बड़े स्तर पर होना, इस शहर के लिए सुखद ही कहा जाएगा, लेकिन इस बार कोविड संक्रमण के चलते कयास लगाए जा रहे थे कि आयोजन होगा भी या नहीं।
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इधर, एक मार्च से भराड़ीसैंण में विधासभा का सत्र भी शुरू हो रहा था, लेकिन सरकार इस महत्वपूर्ण आयोजन को ब्रेक नहीं देना चाहती थी। आयोजन हुआ और सफल रहा। कुछ तकनीकी और व्यावहारिक खामियां भी नजर आईं। प्रतिदिन होने वाली सांस्कृतिक संध्या में लोक कलाकारों की अनुपस्थिति खटकी तो साउंड सिस्टम ने भी कलाकारों को काफी हद तक निराश किया। आयोजन से जुड़े कई लोगों ने दबी जुबान में कहा भी आयोजन का व्यवस्थाएं किसी इवेंट कंपनी को न देकर जीएमवीएन को खुद करना चाहिए था। पैसा भी बचता और व्यवस्थाएं भी दुरुस्त रहतीं। 

अगली बार संभवत: खुद इवेंट मैनेजमेंट भी संभाले जीएमवीएन 

आयोजन की समाप्ति पर पत्रकारों से मुखातिब हुए जीएमवीएन के एमडी डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि निगम को घाटे से उबारने के लिए उनके दिमाग में कई प्लान हैं। घाटे में चल निगम के कई गेस्ट हाउस को कैसे मुनाफे में लाना है, इसको लेकर वह शीघ्र ही कार्ययोजना प्रस्तुत करेंगे। पत्रकारों के यह पूछने पर कि निगम के पास कुशल स्टाफ है, फिर इवेंट का ठेका किसी बाहरी कंपनी को क्यों दिया जाता है? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि संभव है अगला आयोजन जीएमवीएन खुद मैनेजमेंट करे। 
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पुलिस-प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की भूमिका रही अहम

सात दिन तक चले अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव को सफल बनाने में पुलिस-प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की भूमिका अहम रही। डीएम टिहरी ईवा आशीष श्रीवास्तव, पुलिस कप्तान तृप्ति भट्ट और फकोट ब्लाक के चिकित्सा प्रभारी डॉ. जगदीश जोशी आदि रात दिन अपनी टिम के साथ मौके पर जुटे रहे। 

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