मीनू के अनुसार यहां वीवीआईपी के लिए मंडुवे की रोटी, लाल चावल, गहत की दाल, झंगोरे की खीर, राजमा की दाल और काली दाल का चैंसा भी शामिल किया गया है। माना जा रहा है केंद्र और प्रदेश सरकार के मिशन मिलेट के तहत स्थानीय उत्पादों को नए आयाम देने के लिए पहाड़ी व्यंजनों को बड़े स्तर पर प्रमोट किया जा रहा है।