अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर परेड मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने घोषणा की कि उत्तराखंड को योग का बड़ा केंद्र बनाया जाएगा। योग के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे। स्कूलों से लेकर विश्वविद्यालयों तक योग कोपाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।
इस मौके पर सीएम के अलावा कैबिनेट मंत्रियों और सचिवालय के सचिवों समेत बड़ी संख्या में लोगों ने योगिक क्रियाओं का अभ्यास किया। योगाचार्यों ने ताड़ासन, वज्रासन, अनुलोम-विलोम तथा ध्यान का अभ्यास कराया।
परेड मैदान में आयोजित योग कार्यक्रम में सुबह 6 बजे से लोग पहुंचने शुरू हो गए। मु्ख्यमंत्री रावत के अलावा आयुष मंत्री हरक सिंह रावत, शिक्षा मंत्री अरविंद तथा सचिवालय के अफसरों का अमला भी पहुंचा। ठीक सुबह 7 बजे से योग कार्यक्रम शुरू हो गया।
देव संस्कृत विश्वविद्यालय के डा. असीम कुलश्रेष्ठ और सीमा जौहर ने योगिक क्रियाएं कराईं। ग्रीवा चालन, स्कंध संचालन, कटि चालन, ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्धचक्रासन, त्रिकोणासन, भद्रासन, वज्रासान आदि क्रियाओं का अभ्यास कराया गया। इसके साथ प्राणायाम और ध्यान भी कराया गया।
मुख्यमंत्री ने शांति और ईमानदारी से जीवन जीने की शपथ दिलाई
international yoga day
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने शांति, सौहार्द और ईमानदारी से जीवन जीने की शपथ दिलाई। योग की उत्तराखंड ब्रांड एंबेसडर दिलराज प्रीत कौर ने योगासन कर लोगों को स्तब्ध कर दिया। आयुष मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि योग अमृत कलश है जिसको अब दुनिया स्वीकार कर रही है। कार्यक्रम संयोजक आयुष के निदेशक डा. अरुण कुमार त्रिपाठी ने कहा कि युवाओं को योग प्रशिक्षित करने के कार्यक्रम चल रहे हैं।
इस मौके पर एनसीसी कैडेट की सहभागिता रही। एनसीसी अधिकारी मेजर (डा.) अतुल सिंह ने बताया कि छह सौ एनसीसी कैडेट योग कार्यक्रम में शामिल हुए। इसमें 150 गर्ल्स कैडेट थीं। कार्यक्रम में महापौर विनोद चमोली, विधायक हरबंस कपूर, गणेश जोशी, खजानदास तथा उत्तरांचल आयुर्वेदिक कालेज, वरिष्ठ नागरिक मंच, पतंजलि योग समिति, दून मेडिकल कालेज आदि संस्थाओं के प्रतिनिधि रहे। आयुर्वेद विवि के कुल सचिव अनूप गक्खड़ ने सभी धन्यवाद ज्ञापित किया।