महिलाएं और बेटियां किसी से कम नहीं हैं। यह साबित करने के लिए महिलाओं और बेटियों ने समाज में पुरुषों के साथ कंधा से कंधा मिलाकर कई मुकाम हासिल किए हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, विज्ञान, कृषि, उद्यम समेत विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं और बेटियों ने देश के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन किए हैं। विश्व महिला दिवस पर ऐसी ही कुछ महिलाओं के संघर्ष की कहानी प्रस्तुत कर रहे हैं। सीमा अग्रवाल सिडकुल में आयुर्वेदिक दवाइयों की इकाई चलाती हैं। कंपनी में पांच महिलाएं भी काम करती हैं। उन्होंने बताया कि एक बार उसके पिता का कारोबार पूरी तरह से चौपट हो गया था। इसके बाद उन्हें आर्थिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ा। धीरे-धीरे सब कुछ पटरी पर लौटा और आज कंपनी का टर्नओवर तीन करोड़ रुपये पहुंच गया है। पति हर प्रकार से मदद करते हैं। सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र में के दो इंडस्ट्रीज के नाम से औद्योगिक इकाई चलाने वाली रितिका कपूर एक सफल उद्यमी के रूप में उभरी है। 2014 में उन्होंने आफिस चेयर कंपनी 20 लाख रुपये से शुरू की थी। अब उनका टर्नओवर चार करोड़ रुपये पहुंच गया है। सफल उद्योगपति होने के चलते दो साल पहले उन्हें डीएम हरिद्वार ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया था।