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रेलवे पास के लिए भटक रहीं इंटरनेशनल बास्केटबॉल व्हीलचेयर खिलाड़ी, नहीं मिल रही मदद

Sun, 06 Sep 2020 02:24 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • 2019 में थाईलैंड में हुए टूर्नामेंट में भारतीय टीम का हिस्सा रही साक्षी चौहान  
  • रेलवे व सीएमओ कार्यालय के लगा चुकी कई चक्कर, नहीं हुई सुनवाई  
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साक्षी चौहान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बास्केटबॉल व्हीलचेयर में देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी उत्तराखंड की साक्षी चौहान को सरकार की तरफ से रेलवे पास की सुविधा नहीं मिल रही है। साक्षी कई बार रेलवे और स्वास्थ्य विभाग के चक्कर लगा चुकी हैं। वह आज तक सरकारी सुविधाओं से वंचित हैं। 

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साक्षी ने बताया कि वह रेलवे पास बनवाने के लिए कई बार रेलवे व सीएमओ कार्यालय जा चुकी हैं, लेकिन अभी तक पास नहीं बनाया है। आवेदन पर सीएमओ की स्टांप लगवाने के बाद जब वह फाॅर्म रेलवे के अधिकारी के पास जमा करने गई तो उन्होंने कहा कि सीएमओ से स्टांप पर रजिस्ट्रेशन नंबर भी लिखवाना अनिवार्य है।

इसके बाद वह सीएमओ कार्यालय में गई तो वहां फार्म में अलग से रजिस्ट्रेशन नंबर लिख दिया। इसके बाद जब वह दोबारा रेलवे अधिकारी के पास गई तो उन्होंने स्टांप में रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित होने की अनिवार्यता कही।
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इसके बाद सीएमओ कार्यालय पहुंची तो वहां कहा गया कि स्टांप में रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित नहीं है। वह अलग से ही रजिस्ट्रेशन नंबर लिखकर दे सकते हैं। इस वजह से रेलवे में उनका आवेदन स्वीकार नहीं किया गया।

साक्षी ने नियमों की जटिलता के चलते मजबूरी में अब पास न बनाने का फैसला लिया है। कहा कि अन्य राज्य में जाने के लिए वह सामान्य यात्रियों की तरह टिकट का पैसा देती हैं। खिलाड़ियों के लिए सरकारी मदद का उन्हें को फायदा नहीं मिल रहा है।  

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थाईलैंड में भारतीय टीम का किया प्रतिनिधित्व

2019 में थाईलैंड में हुए एशिया ओसिनिया जोन व्हीलचेयर बास्केटबॉल टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली भारतीय टीम में साक्षी चौहान भी शामिल रहीं। टूर्नामेंट में साक्षी का प्रदर्शन शानदार रहा। साक्षी महाराष्ट्र की तरफ से नेशनल टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल भी जीत चुकी हैं। साक्षी ने कहा कि विभाग उनका सम्मान इसलिए नहीं करता कि वह महाराष्ट्र की तरफ से खेली हैं, लेकिन उन्होंने हमेशा प्रदेश का नाम रोशन करने की कोशिश की। प्रदेश से खेलने से ज्यादा महत्वपूर्ण है देश का प्रतिनिधित्व करना।   

एसोसिएशन ने जताई चिंता
उत्तराखंड पैरालंपिक एसोसिएशन के सेक्रेटरी प्रेम कुमार ने कहा कि खिलाड़ियों को रेलवे पास की सुविधा का लाभ प्राथमिकता में दिया जाना चाहिए। दुर्भाग्य की बात है कि देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी खिलाड़ी को रेलवे पास की सुविधा नहीं मिली है।    
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