अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा ने ओवरएज खिलाड़ियों को लेकर बड़ी बात कह दी। उन्होंने खेलों को लेकर सरकार से भी ये मांग की है।
खेलों में कम मेडल के लिए खिलाड़ी नहीं बल्कि सरकार की नीति जिम्मेदार है। बैडमिंटन में विकेंद्रीकरण की आवश्यकता है। ऐसा होने के बाद ही अच्छे खिलाड़ी निकलकर बाहर आएंगे।
जब तक सरकार खेलों की मॉनीटरिंग शुरू नहीं करेगी, परिणाम अच्छे नहीं मिल सकते हैं। यह बात अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा ने कही। वह रविवार को चकराता रोड स्थित एक होटल में पत्रकारों से मुखातिब थीं।
ओवरएज खिलाड़ियों के सामने आने के मुद्दे पर उन्होंने बताया कि ये गलत है। इसके लिए अभिभावक जिम्मेदार हैं। उन्होंने ओवरएज खिलाड़ियों पर एक-दो साल के लिए प्रतिबंधित करने की बात कही।
उन्होंने कहा कि किसी खिलाड़ी का नाम लिए बिना कहा कि बैडमिंटन में पूरे अधिकार एक ही व्यक्ति या अकादमी को नहीं दिए जाने चाहिए। और भी अकादमी हैं। उनके खिलाड़ियों को भी मौका देना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि बैडमिंटन डबल्स में कम मेडल आना चिंता की बात है। इसके पीछे अहम वजह इस ओर ध्यान न देना है। इसमें ज्यादा मेहनत और तेजी की जरूरत होती है। वहीं, स्पांसर भी आसानी से नहीं मिलते हैं।
जल्दी-जल्दी पार्टनर बदले जाने के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि ऐसा करने से परिणाम नहीं आते हैं। खिलाड़ियों पर भरोसा करना होगा, साथ ही उन्हें मौके देने होंगे। ऐसे करने से खिलाड़ी के अंदर आत्मविश्वास आता है और वह अच्छा प्रदर्शन करता है।
सरकार खेलों पर खर्च तो करती है, लेकिन मॉनीटरिंग नहीं करती है। सवा करोड़ की आबादी के देश में कुछ मेडल जीतकर आना चिंता की बात है। कई देश की आबादी हमसे भी कम है और वह अधिक मेडल जी रहे हैं। सरकार को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।