भाजपा विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के हरिद्वार में रोहिंग्या मुसलमानों की घुसपैठ के सनसनीखेज बयान के बाद खुफिया यूनिट भी अलर्ट हो गई है। एलआईयू ने रुड़की और कलियर क्षेत्र में झुग्गी डालकर रहने वाले लोगों के बारे में गोपनीय तरीके से छानबीन शुरू कर दी है। इन झुग्गियों में रहने वाले लोगों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।
भाजपा विधायक चैंपियन ने हरिद्वार जनपद में रोहिंग्या मुसलमानों की घुसपैठ की बात करके सनसनी फैला दी है। अब हरिद्वार पुलिस से लेकर स्थानीय अधिसूचना इकाई (एलआईयू) तक अलर्ट हो गई है। इस मामले पर पुलिस की गंभीरता इस वजह से भी लाजिमी है, क्योंकि विदेशियों के घुसपैठ करने के मामले में रुड़की और कलियर क्षेत्र पहले से ही अतिसंवेदनशील हैं। कई बार यहां से विदेशी नागरिक पकड़े जा चुके हैं। अब ऐसे में रोहिंग्या मुसलमानों की घुसपैठ से जुड़ा होने मामला सामने आने पर पुलिस और स्थानीय अधिसूचना इकाई अलर्ट हो गए हैं।
रोहिंग्या मुसलमानों से जुड़े मामले को लेकर खुफिया विभाग की टीम ने रुड़की और कलियर क्षेत्र में झुग्गियां डालकर रहने वाले लोगों पर अपनी पैनी नजर गड़ा दी है। खुफिया विभाग ने अपने-अपने मुखबिरों को भी चौकस कर किसी भी संदिग्ध के दिखने पर तुरंत सूचना देने को कहा है। साथ ही पूर्व में पकड़े गए विदेशियों की भी कुंडली खंगालनी शुरू कर दी है।
पकड़े जा चुके हैं अफगानी, बर्मन और बांग्लादेशी
होटलों और गेस्ट हाऊस मालिकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बिना किसी आईडी के अपने यहां किसी व्यक्ति को कमरा न दें। साथ ही उनके यहां आने वाला कोई व्यक्ति संदिग्ध या उसकी गतिविधियों पर शक हो तो तुरंत उसकी खबर पुलिस व खुफिया विभाग को देने के निर्देश दिए हैं।
विदेशियों के घुसपैठ करने के मामले में रुड़की व कलियर क्षेत्र अतिसंवेदनशील श्रेणी में आता है। हाल में ही करीब एक माह पूर्व खुफिया विभाग ने अवैध रूप से रह रहे एक अफगानिस्तानी युवक को पकड़ा था। इसके साथ ही बर्मन के नागरिक को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा कलियर व रुड़की में अवैध तरीके से रह रहे कई बांग्लादेशी भी पकड़े जा चुके हैं।
235 दुकानदारों का किया सत्यापन
सुरक्षा के मद्देनजर खुफिया विभाग ने कलियर कांवड़ पटरी से लेकर मंगलौर कांवड़ पटरी तक दुकानें लगाने वालों के सत्यापन के लिए गुरुवार को अभियान चलाया। अभियान के दौरान दुकानदारों की आईडी, आधार कार्ड व मोबाइल नंबर अपनी डायरी में दर्ज किए। इस दौरान करीब 235 दुकानदारों का सत्यापन किया गया।