गलत वेतन निर्धारण का ऑडिट में हुआ खुलासा
विभिन्न विभागों में गलत वेतन निर्धारण से अधिक भुगतान के कई मामलों का खुलासा आंतरिक लेखा परीक्षा (ऑडिट) में हुआ है। वित्त विभाग से इसे वित्तीय सुशासन के प्रतिकूल माना है। विभाग का मानना है कि इस विसंगति से एक तरफ राजकोष पर अनावश्यक व्यय भार पड़ता है और वसूली या समायोजना की स्थिति उत्पन्न होने से कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक हानि उठानी पड़ती है।
ये निर्देश दिए गए
- अधिक भुगतान होने पर वसूली की कार्रवाई तत्काल शुरू की जाए।
- नियंत्रक प्राधिकारी जब किसी कार्यालय का निरीक्षण करें तो वेतन से अधिक भुगतान के मामलों में वसूली की स्थिति परीक्षण करेंगे।
- विभागाध्यक्षों के स्तर पर ऐसे मामलों की लगातार निगरानी और सुनवाई करनी होगी।
- कर्मचारी की पदोन्नति व वित्तीय बढ़ोतरी का समय वेतन निर्धारण की जांच अनिवार्य रूप से की जाए।
- सेवानिवृत्त कर्मचारियों के वेतन संशोधन कर उनकी पेंशन भी संशोधित की जाए।