अचानक सुबह 10 बजे करीब गांव के ऊपर स्थित जंगल में आग लग गई। जंगल में आग लगने की सूचना पर ग्रामीण शादी की तैयारियों को बीच में छोड़ कर जंगल की आग बुझाने के लिए दौड़ पड़े। करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने आग जंगल की आग पर काबू पा लिया।
हालांकि इस दौरान वन विभाग के कर्मचारी भी पहुंच चुके थे। जंगल की आग बुझाने के बाद ग्रामीण शादी में शामिल हुए और बेटी की विदाई की। प्रधान सुरेंद्र रावत ने बताया कि ग्रामीणों ने जंगल के पेड़ों की रक्षा अपने बच्चों की तरह की है। आग बुझाने में दलबीर, धनबीर जीत, देवेंद्र, नारायण सिंह, ज्ञान सिंह, जमुना देवी, शांता देवी, कमला देवी, अंबी देवी, बीना, माघी देवी, अनीता देवी आदि शामिल थे।