एनआरआई महिला की संपत्ति पर कब्जे संबंधी मुकदमे की जांच में लापरवाही बरतने पर एसआईएस शाखा के दरोगा को निलंबित किया गया है। आरोप है कि दरोगा ने जानबूझकर लापरवाही की, जिसके कारण तीन साल से विवेचना लटकी हुई है। इस मामले में एसएसपी ने शाखा के सभी कर्मचारियों को चेतावनी भी दी है।
मामला ब्रिटेन में रहने वाली रक्षा सिन्हा नाम की महिला से जुड़ा है। रक्षा सिन्हा ने वर्ष 2018 में एसआईटी को शिकायत की थी। बताया था कि 50 साल पहले उनके पति ने राजपुर रोड पर एनआरआई फंड से एक संपत्ति खरीदी थी। इस बीच पता चला कि कुछ लोगों ने इस पर कब्जा कर लिया है। संपत्ति के चारों ओर आठ फीट की बाउंड्री कर दी गई है। एसआईटी की जांच के बाद यह मुकदमा डालनवाला थाने में दर्ज किया गया था। आरोपियों ने एक फर्जी उपहार डीड बनाकर इस संपत्ति पर कब्जा किया था।
बाद में इस मुकदमे को एसआईएस शाखा में ट्रांसफर किया गया। यहां इसकी जांच दरोगा भानू प्रताप कर रहे थे। शिकायतकर्ता ने जब जांच की प्रगति को जानना चाहा तो पता चला कि इसमें विवेचना पूरी ही नहीं की गई है। यही नहीं आरोप यह भी था कि विवेचना अधिकारी दरोगा ने इसमें कुछ पक्षपात भी किया है। इस पर एसएसपी ने रिपोर्ट तलब की तो यह आरोप काफी हद तक सही पाए गए। ऐसे में एसएसपी डॉ. योगेंद्र सिंह रावत ने दरोगा भानू प्रताप को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।