इधर कप्तान हटे और अगले दिन फिर से पोस्टिंग उसी जगह पा ली। पिछली कार्रवाई और मुकदमा भी किसी की नजर में नहीं आया। हालांकि, अब 20 के खिलाफ कार्रवाई हुई तो इसकी जद में यह पहुंच वाला दरोगा भी आ गया। यह हाल केवल एक दरोगा का नहीं बल्कि कुमाऊं के ज्यादातर दरोगाओं का रहता है।
दो युवकों को अंतिम दिन भराया था दिनेश ने फार्म
पैसे देकर नौकरी पाने वाले दो युवकों की कहानी दिलचस्प है। स्नातक की पढ़ाई करने के बाद इन दोनों का इरादा शायद किसी सरकारी नौकरी का नहीं था। उन्होंने कभी प्रतियोगी परीक्षाओं की ओर ध्यान भी नहीं दिया। सूत्रों के अनुसार, उनका संपर्क दिनेशचंद और जादौन से उनके एक रिश्तेदार ने कराया तो अंतिम तिथि में ही दोनों ने फार्म भरा। इसके बाद पैसों का जुगाड़ किया और दिनेशचंद तक पहुंचा दिए गए। रिजल्ट आया तो दोनों के कंधों पर दो-दो स्टार सज गए। दोनों आपस में रिश्तेदार हैं।
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