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Uttarakhand: यहां चलती है दागी दरोगाओं की सल्तनत, दिलचस्प है इन दो युवाओं के कंधों पर स्टार लगने की कहानी

Sat, 21 Jan 2023 12:00 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

Inspector Recruitment Scam: 20 से ज्यादा दरोगा हर वक्त मलाइदार पोस्ट पर रहे हैं। हटाए गए तो अगले दिन फिर पैर जमा दिए। एक ने कप्तान के आदेश पर मुकदमा तक झेला, लेकिन  कप्तान हटे तो अगले ही दिन पोस्टिंग पा ली।
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दरोगा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दरोगाओं ने रुपये देकर नौकरी पा ली और फिर विभाग व राजनीति में भी पैठ बना ली। इसी का नतीजा है कि कुछ दागी दरोगाओं की कुमाऊं में सल्तनत चलती है। 20 से ज्यादा दागी दरोगा हर वक्त चार्ज पर रहते हैं। आरोप लगते हैं तो हटाए भी जाते हैं। मगर, पैठ इतनी मजबूत है कि चंद दिनों बाद वापसी भी हो जाती है।

दरअसल, पैसे देकर नौकरी पाने वालों दरोगाओं की कुमाऊं परिक्षेत्र में संख्या अधिक बताई जा रही है। हाल ही में हुई कार्रवाई में भी आठ दरोगा कुमाऊं के ही सस्पेंड किए गए हैं। इसके अलावा अब भी 20 से अधिक ऐसे दरोगा कुमाऊं के विभिन्न जिलों में तैनात हैं। बताया जा रहा है कि इनकी विभाग में इतनी मजबूत पैठ है कि ये हर वक्त किसी न किसी जगह मलाइदार पोस्ट पर ही रहते हैं। खनन वाली चौकियां इनकी पसंदीदा रहती हैं।

अपने एसओ, एसएचओ तो दूर इन पर कप्तान तक का हुक्म नहीं चलता है। कहीं कोई लापरवाही सामने आ भी जाए तो ये कार्रवाई से बच निकलने में भी माहिर हैं। बीते दिनों एक चौकी में तैनात दरोगा की कारगुजारी जिले के एक पूर्व कप्तान की नजर में आ गई। उन्होंने न सिर्फ इस दरोगा को चौकी से हटाया बल्कि उसके खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा भी दर्ज करा दिया। कुछ दिन दरोगा जी पैदल रहे लेकिन कप्तान के हटने का इंतजार करते रहे।

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इधर कप्तान हटे और अगले दिन फिर से पोस्टिंग उसी जगह पा ली। पिछली कार्रवाई और मुकदमा भी किसी की नजर में नहीं आया। हालांकि, अब 20 के खिलाफ कार्रवाई हुई तो इसकी जद में यह पहुंच वाला दरोगा भी आ गया। यह हाल केवल एक दरोगा का नहीं बल्कि कुमाऊं के ज्यादातर दरोगाओं का रहता है।

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दो युवकों को अंतिम दिन भराया था दिनेश ने फार्म

पैसे देकर नौकरी पाने वाले दो युवकों की कहानी दिलचस्प है। स्नातक की पढ़ाई करने के बाद इन दोनों का इरादा शायद किसी सरकारी नौकरी का नहीं था। उन्होंने कभी प्रतियोगी परीक्षाओं की ओर ध्यान भी नहीं दिया। सूत्रों के अनुसार, उनका संपर्क दिनेशचंद और जादौन से उनके एक रिश्तेदार ने कराया तो अंतिम तिथि में ही दोनों ने फार्म भरा। इसके बाद पैसों का जुगाड़ किया और दिनेशचंद तक पहुंचा दिए गए। रिजल्ट आया तो दोनों के कंधों पर दो-दो स्टार सज गए। दोनों आपस में रिश्तेदार हैं।

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