फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

IAS एकेडमी में जासूसी, जांच में आएंगे बड़े नाम

Thu, 02 Apr 2015 01:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मसूरी, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में फर्जी आईएएस महिला अधिकारी का मामला बुधवार पूरे दिन गरमाया रहा। शासन से लेकर पुलिस प्रशासन तक में हड़कंप की स्थिति रही।
विज्ञापन


मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा होने की वजह से पुलिस काफी सतर्कता बरत रही है। दूसरी ओर, अकादमी में भी हड़कंप रहा। मामले को रफादफा करने के लिए कई कदम उठाए गए। पारदर्शिता के अभाव में दिन भर तरह-तरह की चर्चाएं रहीं।

दिनभर की पूरी कवायद में मामले के सूत्रधार अकादमी के आला अधिकारी का नाम गायब रहा। सूत्र बताते हैं कि उसे बचाने की सारी तैयारियां कर ली गई हैं। आशंका जताई जा रही है कि मामले की निष्पक्ष जांच हुई तो अकादमी के कई चेहरे बेनकाब हो जाएंगे।
विज्ञापन


मसूरी इंस्पेक्टर हटाए, सीओ करेंगे जांच
उधर, मामले में कोताही बरतने के आरोप में कोतवाल एचएस भंडारी को हटा दिया गया। उनकी जगह अब मामले की विवेचना की जिम्मेदारी सीओ चंदन सिंह बिष्ट को सौंपी गई है।

इसी बीच पुलिस अधीक्षक नगर अजय सिंह ने अकादमी पहुंचकर मामले की गोपनीय जांच-पड़ताल की। सीसीटीवी फुटेज के अलावा आगंतुक रजिस्टर को पुलिस ने कब्जे में लिया है।

अन्य एजेंसी से कराई जा सकती है जांच: डीजीपी

प्रथम दृष्टया अकादमी अधिकारियों और कर्मचारियों की सांठगांठ का मामला सामने आ रहा है। पुलिस महानिदेशक बीएस सिद्धू ने कहा कि मामला गंभीर है। जरूरी हुआ तो दूसरी एजेंसी से जांच कराई जा सकती है।

देश के सर्वोच्च प्रशिक्षण संस्थान में शामिल एलबीएस अकादमी में सुरक्षा गार्ड के कमरे में मुजफ्फरनगर के कुटबा निवासी 25 वर्षीय रूबी चौधरी के छह माह तक फर्जी पहचान पत्र के सहारे रहने से अकादमी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

सूत्रों की मानें तो अकादमी के ही एक आला अधिकारी से मित्रता के कारण हर कोई रूबी पर मेहरबान था। बताया जा रहा है कि आला अधिकारी की मेहरबानी पर ही वह लंबे समय तक अकादमी में रही। अकादमी में रहते हुए महिला ने अन्य अधिकारियों में भी पैठ बना ली थी। बताया जा रहा है कि आरोपी महिला अब भी किसी निजी भवन में छिपकर रह रही है।

बोले डीजीपी
विवेचना में आने वाले तथ्यों के आधार पर मामले में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी से रिपोर्ट मांगी गई है। जरूरी हुआ तो दूसरी एजेंसी से भी मामले की जांच कराई जाएगी। दर्ज हुए मुकदमे की विवेचना सीओ मसूरी को सौंपी गई है।
-बीएस सिद्धू, पुलिस महानिदेशक

फर्जी अधिकारी बनी रूबी को निकालने में छूटे पसीने

बताया जा रहा है कि मामला सामने आने के बाद अकादमी से फर्जी महिला आईएस को रुखसत करने में अधिकारियों को पसीने आ गए। सूत्रों की मानें तो अधिकारियों ने 23 से 27 मार्च के बीच महिला को बेदखल करने के लिए कई दौर की बैठक की।

पहले मामला दबाने की कोशिश हुई, लेकिन रूबी ने अधिकारियों से शिकायत कर सबक सिखाने की चेतावनी दी तो पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने का निर्णय लिया गया। सवाल यह है कि मामले को दबाने की कोशिश क्यों की गई है?

अकादमी के गार्ड को अवकाश पर भेजा
अकादमी के प्रशासनिक अधिकारी सुरक्षा सत्यवीर सिंह को पांच अप्रैल तक अवकाश पर भेज दिया गया है। महिला जिस गार्ड के कमरे में रह रही थी उसे सस्पेंड कर मसूरी छोड़ने के लिए कहा गया है। संदेह के घेरे में आए अधिकारियों ने कर्मचारियों को इतना भयाक्रांत कर रखा है कि मामले में कोई कुछ भी बोलने से बच रहा है।
विज्ञापन

राष्ट्रपति के साथ ग्रुप फोटो में भी महिला

बताया जा रहा है कि 12 दिसंबर को जब राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी अकादमी दौरे पर आए थे तो रूबी भी वहीं थी। वह राष्ट्रपति के साथ ग्रुप फोटो में भी शामिल रही।

बताया जा रहा है कि प्रोबेनर्स और अन्य अधिकारियों के साथ रूबी भी फोटो में है। इसकी जानकारी होते ही अकादमी आईटी और कम्युनिकेशन विभाग ने अकादमी की वेबसाइट से महिला से जुड़ी फोटो हटा दी है।

साल 2012 में आया था एक वीडियो
एलबीएस अकादमी में साल 2012 में भी अश्लील विडियो का एक मामला सामने आया था। उस समय अकादमी के सुपरिंटेंडेंट ट्रेनिंग विक्रम सिंह ने 7 अगस्त 2012 को मसूरी थाने में इलेक्ट्रानिक उपकरणों से अश्लील चित्र और सूचना प्रकाशित करने का मामला आईटी एक्ट में दर्ज कराया था।

यह मामला भी तब काफी चर्चा में रहा, लेकिन पुलिस जांच न तो आगे बढ़ी न ही इसका कोई निष्कर्ष निकल पाया। ताजा प्रकरण के भी इसी तरह का हश्र होने की आशंका जताई जा रही है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें