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पेयजल लाइनों के लीकेज दे रहे सड़कों को जख्म, बेपरवाह विभाग

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जल संस्थान और पेयजल निगम की लापरवाही न केवल सड़कों को जख्म दे रही है। बल्कि इससे हर रोज लाखों लीटर पानी भी बर्बाद हो रहा है। यही नहीं पेयजल लाइनों में जगह-जगह छेद होने के चलते दूषित पानी भी लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। जिससे लोगों में बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। कई बार जिम्मेदारों से इस संबंध में शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई भी सुनने को तैयार नहीं है।
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आमतौर पर सड़कों के क्षतिग्रस्त होने की वजह बारिश को माना जाता है, लेकिन पेयजल लाइनों में जगह-जगह होने वाली लीकेज भी सड़कों को उतना ही नुकसान पहुंचाती है। दून में ऐसे कई स्थान हैं, जहां पेयजल लाइनों में लीकेज के चलते सड़कों पर गड्ढे बन गए हैं या डामर उखड़ गया है। लीकेज की यह समस्या शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में हर जगह बनी हुई है।
लीकेज के कारण सिर्फ सड़कों को ही नुकसान नहीं हो रहा है, बल्कि हर दिन लाखों लीटर पानी भी यूं ही बर्बाद हो रहा है। इसके अलावा दूषित पानी घरों तक पहुंचने के कारण लोगों के बीमार होने का डर बना हुआ है। एक तरफ कई प्रकार की बीमारियों से लोग पहले ही परेशान हैं, ऐसे में अगर दूषित पानी से बीमारी फैलती है तो समस्या और गंभीर हो सकती है। एसएसपी कार्यालय के सामने और सुभाष रोड पर भी कई दिनों से पेयजल लाइन लीक हो रही है। जिससे सड़क पर गड्ढा बन गया है। यह सिर्फ एक उदाहरण हैै, ऐसे कई स्थान हैं जहां पर यह समस्या बनी हुई है। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता आशीष भट्ट का कहना है कि शहर में पेयजल की पाइप लाइनें काफी पुरानी हैं। जिससे लीकेज की समस्या बनी रहती है। लीकेज की समस्या के निस्तारण के लिए लोक निर्माण विभाग से अनुमति मांगी है, लेकिन विभाग अनुमति देने में आनाकानी कर रहा है।
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सेवलाकलां में साल भर लीक होती रहती है पेयजल लाइन
सेवलाकलां माजरा में रॉक वैली अपार्टमेंट के सामने पेयजल लाइन लीकेज की समस्या साल भर बनी रहती है। जिसके चलते यहां हमेशा सड़क भी टूटी रहती है। सड़क की हालत सुधारने के लिए यहां सीसी मार्ग से लेकर कोलतार और अब टाइल्स तक बिछा दी गई हैं, लेकिन पाइप लाइन की मरम्मत को कोई तैयार नहीं है। स्थानीय लोग कई बार इसकी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन आज तक विभाग ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। जल संस्थान का कहना है कि यहां लीकेज को कई बार चेक किया गया, लेकिन लीकेज नहीं मिल रहा है। ईई पित्थूवाला जोन राजेंद्र पॉल ने बताया कि यहां नालियों का पानी भी एकत्रित होता है। इससे पता नहीं चल पाता कि यहां पानी लीकेज से भरा रहता है या नालियों से। कहा कि इस क्षेत्र में नई पेयजल लाइन डाल दी गई है। जल्द ही पुरानी लाइन को बंद कर दिया जाएगा। जिससे समस्या का भी समाधान हो जाएगा।
बनियावाला, चौबे एन्क्लेव, मैरी गोल्ड कॉलोनी में कई दिनों से पेयजल की किल्लत
सहसपुर क्षेत्र के बनियावाला, सेवली रोड, नंदन एन्क्लेव के साथ ही प्रेमनगर क्षेत्र के चौबे एन्क्लेब, मैरी गोल्ड कॉलोनी में पिछले कई दिनों से लोग पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं। स्थानीय लोग कई बार इसकी शिकायत पेयजल निगम के अधिकारियों से कर चुके हैं, लेकिन कोई सुध नहीं ले रहा है। मजबूरन लोगों को मोटर लगाकर और हैड़पंपों से पानी की जरूरत पूरी करनी पड़ रही है। सेवली रोड निवासी मुकेश रावत ने बताया कि कई बार इस समस्या के लिए स्थानीय पार्षद और पेयजल निगम से शिकायत की जा चुकी है। सामाजिक कार्यकर्ता बीरू बिष्ट का कहना है कि पेयजल की किल्लत का बड़ा कारण जगह-जगह लीकेज और वितरण व्यवस्था ठीक से न होना है।
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