- रार गृहस्थों में होती है, साधु संतों में मतभेद होते हैं
माई सिटी रिपोर्टर
हरिद्वार। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बैठक के बाद अपने गुरु जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज से आशीर्वाद लेने पहुंचे। जगद्गुरु ने कहा कि सीएम साधुवाद के पात्र हैं। आध्यात्मिक नगरी को सृजित करने की उनकी पहल सराहनीय है।
उन्होंने बीते दिनों संतों के बीच उपजे कुछ असंतोष को लेकर कहा कि रार गृहस्थ व्यक्तियों में होता है। साधु संतों में कोई रार नहीं होती है, केवल मतभेद होते हैं। यह मतभेद भी ज्ञान का होता है। ज्ञानी संत हमारे समाज में हैं, जो ज्ञानी हैं उनके बीच मत भिन्नता होती है। एक ही ब्रह्म को द्वैत, अद्वैत अनेक प्रकार से लोग उच्चारित करते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि रार है। सभी के अपने विचार हैं चिंतन हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने संतों के बीच उठे मतभेद को समाप्त करके देवभूमि उत्तराखंड को उसके आदर्शों के अनुरूप बनाने में सफलता की ओर हैं।
कुंभ और अर्धकुंभ के स्नान हैं, सबमें पुण्य की प्राप्ति होती है। सनातन धर्म का यह स्वत: स्फूर्त जो मौलिकताएं हैं उनके अनुसार व्यक्ति अपने आयु में वर्धन करता है। वर्ष 2027 के कुंभ में यहां के साधु संत शासन और प्रशासन एक स्वर और लय ताल के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुंभ के विषय में अखाड़ा परिषद और प्रशासन के कार्यों में सभी संतों का पूर्ण सहयोग रहेगा।