आरटीओ में तैनात अधिकारियों, कर्मचारियों को अब दो दशक पुराने वाहनों के बारे में जानकारी हासिल करने को लेकर फाइलों में दिमाग नहीं खपाना होगा, बल्कि माउस क्लिक करते ही उन्हें गाड़ियों के बारे में पूरी जानकारी मिल जाएगी।
आरटीओ में 10 लाख से अधिक दो दशक पुरानी फाइलों का डिजिटाइजेशन किया जा रहा है। इसके लिए आरटीओ के अनुरोध पर नौ अतिरिक्त कर्मचारी भी मुहैया कराए गए हैं। आरटीओ डीसी पठोई ने बताया कि फिलहाल दफ्तर में मौजूद सभी फाइलों का कंप्यूटरीकृत डाटा तैयार किया जा रहा और जल्द ही काम को पूरा कर लिया जाएगा। सभी फाइलों का डाटा तैयार करने के बाद विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को जानकारी हासिल करने को लेकर फाइलों को नहीं पढ़ना पड़ेगा।
आरटीओ में सभी 10 लाख से अधिक फाइलों को कंप्यूटर डाटा तैयार करने की योजना कोरोना संकट से पहले बनाई गई थी, लेकिन पिछले दो साल से जारी कोरोना के चलते योजना को टाल दिया गया था, लेकिन अब जबकि स्थितियां काफी हद तक सामान्य हो गई है तो विभागीय अधिकारियों के निर्देश पर फाइलों को नए सिरे से कंप्यूटरीकृत किया जा रहा है।