देहरादून। भारतीय नौसेना ने कोलकाता के टीटागढ़ में अपने चौथे डाइविंग सपोर्ट क्राफ्ट (डीएससी ए23) को सोमवार बेड़े में शामिल कर लिया। दीपा शिवकुमार ने चीफ ऑफ मैटेरियल वाइस एडमिरल बी शिवकुमार की उपस्थिति में इसे नौसेना में शामिल किया।
यह जहाज बंदरगाहों और तटीय जल में गोताखोरी अभियानों के लिए बनाया गया है। इसका निर्माण मेसर्स टीटागढ़ नेवल सिस्टम्स लिमिटेड (टीएनएसएल) ने स्वदेशी तरीके से किया है। 30 मीटर लंबा और लगभग 380 टन विस्थापन क्षमता वाला यह कैटामरान-पतवार जहाज बेहतर स्थिरता प्रदान करता है। यह भारतीय नौसेना की गोताखोरी सहायता, जलमग्न निरीक्षण और बचाव क्षमताओं को बढ़ाएगा। इन जहाजों में मुख्य और सहायक उपकरणों का 70 फीसदी हिस्सा स्वदेशी है जो रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। ब्यूरो