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ऋषिकेश में खुला देश का पहला सीमेन सेंटर, 90 फीसदी से अधिक गोवंश पैदा होंगी सिर्फ बछिया

Thu, 07 Mar 2019 11:06 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क/अमर उजाला, ऋषिकेश
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सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत
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लिंग वर्गीकृत वीर्य उत्पादन प्रयोगशाला के खुलने से राज्य ही नहीं बल्कि देश के अन्य राज्यों के किसानों को भी लाभ मिलेगा। राज्य में वीर्य उत्पादन से 90 फीसदी बछिया प्रजनन की संभावना बढ़ जाएगी। इससे न सिर्फ पशुपालकों को आर्थिक मजबूती मिलेगी बल्कि नर पशु पर भी अंकुश लग सकेगा।

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यह बात मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बृहस्पतिवार को ऋषिकेश के श्यामपुर में देश के प्रथम लिंग वर्गीकृत वीर्य उत्पादन प्रयोगशाला के लोकार्पण के अवसर पर कही। तीन करोड़ 55 लाख की लागत से बने इस आधुनिक संस्थान का शिलान्यास लगभग छह माह पूर्व केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की मौजूदगी में हुआ था।

राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत उत्तराखंड लाइव स्टॉक डेवलपमेंट बोर्ड पशुपालन विभाग के तत्वावधान में मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार को लिंग वर्गीकृत वीर्य उत्पादन प्रयोगशाला का लोकार्पण किया। 
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इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय नस्ल के पशु रेड सिंधी, बद्री गाय, जर्सी आदि की संख्या हमारे प्रदेश में बढ़ी है। रेड सिंधी की उपलब्धता में उत्तराखंड पूरे देश में अव्वल है। यह टेक्नोलॉजी भैंस पर भी कारगर है।

यह अपनी तरह का पहला आधुनिक संस्थान है जहां से पशुधन में इजाफा होगा। इसके अलावा नर पशु सड़क पर भटकते रहते हैं। इससे दुर्घटनाएं भी होती हैं। इस प्रयोगशाला से नर पशु की जनसंख्या को भी नियंत्रित किया जा सकेगा। 

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इस दौरान मुख्यमंत्री ने 100 करोड़ की 12 योजनाओं का भी शिलान्यास किया। कार्यक्रम के दौरान विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, पशुपालन मंत्री रेखा आर्या, मुख्य अधिशासी अधिकारी यूएलडीबी डॉ. एमएस नयाल, निदेशक पशुपालन विभाग डॉ. केके जोशी, सचिव डॉ. आर. मिनाक्षी सुंदरम, प्रशासनिक अधिकारी राजकुमार सिंह, डॉ. असीम देव, डॉ. राकेश नेगी, डॉ. कैलाश उनियाल, डॉ. मनोज तिवारी आदि उपस्थित रहे।  

देशी नस्ल की गायें विश्व में श्रेष्ठ
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि भारत सरकार की गोकुल ग्राम योजना में देशी गोवंश सबसे उन्नत है। यह बात साबित हो चुकी है कि देशी नस्ल की गाय का दूध और मूत्र तमाम औषधीय गुणों से संपन्न है। भारतीय गोवंश में दूध की मात्रा भले ही कम हो, लेकिन गुणवत्ता पूरे विश्व में बेजोड़ है। उत्तराखंड में देशी नस्ल की गाय को बद्री गाय से जाना जाता है। 

राज्य सरकार देगी 400 रुपये प्रति स्ट्रा का अनुदान 
मुख्यमंत्री ने बताया कि लिंग वर्गीकृत वीर्य की लागत 1150 रुपये प्रति स्ट्रा है। इसमें 400 रुपये भारत सरकार की ओर से अनुदानित है। उत्तराखंड की गायों पर जो वीर्य इस्तेमाल होगा उसकी एवज में राज्य सरकार 400 रुपये प्रति स्ट्रा अनुदान देगी।  

दस कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ताओं को मिली बाइक
लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान स्व रोजगारी कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ताओं को बाइक की चाबी मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सौंपी। इनमें पौड़ी से विमलेश, उत्तरकाशी से श्रीमोहन, अमित सिंह, सुमित कुमार, रुद्रप्रयाग से नरेश उनियाल, टिहरी से शीषराम, सोबन सिंह, देहरादून से गंभीर सिंह, रजतदास, भगत सिंह शामिल हैं। 

200 नर पशु प्रयोगशाला में मौजूद
ऋषिकेश के श्यामपुर स्थित लिंग वर्गीकृत वीर्य उत्पादन प्रयोगशाला में वर्तमान में 200 सांड पंजीकृत हैं। प्रत्येक सांड से हफ्ते में दो बार वीर्य निकाला जाएगा। इस वीर्य को गाय में टीके के जरिए प्रत्यारोपित किया जाएगा। इससे 90 प्रतिशत बछिया होने की संभावना होगी।
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