- तबीयत खराब होने पर
- घर के लोगों से संपर्क नहीं होने पर
- गलत गाड़ी में बैठने पर
- ट्रेन में सामान खो जाने पर
प्रतिदिन करीब 45 से 50 महिलाओं का विवरण (नाम, ट्रेन नंबर, पीएनआर, कोच व बर्थ नंबर) नोट किया जाता है। ताकि समस्या होने या शिकायत मिलने पर अगले ठहराव पर समाधान कराया जा सके।
-डीएस चौहान, प्रभारी आरपीएफ हरिद्वार।