भारतीय नेवी की महिला क्रू स्टाफ वाला नौसेना पोत आईएनएसवी तरिणी दुनिया की जल यात्रा पूरी करने के बाद सोमवार को वापस लौटेगा।
गोवा से ही सफर शुरू करने के करीब 8 महीने बाद भारतीय नेवी की महिला क्रू स्टाफ वाला नौसेना पोत आईएनएसवी तरिणी दुनिया की अपनी ऐतिहासिक जल यात्रा पूरी करने के बाद सोमवार को वापस यहां पर लौट रहा है।
‘नाविका सागर परिक्रमा’ के नाम वाली इस खोज यात्रा का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी कर रही हैं और ये पूर्णतया महिला क्रू स्टाफ वाली भारत की तरफ से पृथ्वी की पहली वैश्विक जलयात्रा है। इस यात्रा में वर्तिका जोशी के अलावा क्रू स्टाफ में लेफ्टिनेंट कमांडर प्रतिभा जामवाल और स्वाति पी. और लेफिटनेंट ऐश्वर्या बोदापाती, एस. विजया देवी व पायल गुप्ता शामिल थीं।
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन फ्लैग-इन सेरेमनी में रहेंगी मौजूद
लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी
- फोटो : file photo
सोमवार को जब ये पोत पणजी के करीब उस जगह पहुंचेगा, जहां से ये यात्रा पिछले साल 19 सितंबर को शुरू की गई थी, तब रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण उसके क्रू स्टाफ की सभी महिलाओं का स्वागत करेंगी।
नेवी के एक प्रवक्ता ने बताया, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन और नेवी चीफ एडमिरल सुनील लांबा सोमवार को पणजी के करीब पोत को दी जाने वाली फ्लैग-इन सेरेमनी में मौजूद रहेंगे।
एक नेवी अधिकारी ने बताया कि इस पूरी टीम को कैप्टन दिलीप डोंडे ने ट्रेनिंग दी थी, जो वर्ष 2009-10 में अकेले दुनिया की जलयात्रा करने वाल पहले भारतीय बने थे।
5 देशों के समुद्रों से गुजरी यात्रा
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ये खोज यात्रा 6 चरण में पूरी हुई, जिसमें टीम ने 5 देशों ऑस्ट्रेलिया के फ्रेमांटले, न्यूजीलैंड के लाइटिलटन, फॉल्कलैंड आइसलैंड्स के पोर्ट स्टेनले, दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन और मॉरीशस में रास्ते में विश्राम किया।
इस दौरान टीम ने इक्वाटोर को दो बार पार किया, जबकि चार महाद्वीपों और तीन समुद्रों को पार किया।
साथ ही आईएनएसवी तरिणी दक्षिण में तीन ग्रेट केप्स- लीयूविन, होर्न और गुड होप से भी होकर गुजरी।