भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) से कड़ा प्रशिक्षण हासिल करने के बाद सेना में अफसर बनने से महज कुछ पग दूर खड़े जेंटलमैन कैडेटों को बुधवार को उनकी मेहनत का इनाम मिला। पासिंग आउट कोर्स 140 रेगुलर, 123 टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स (टीजीसी) और 25 यूनिवर्सिटी एंट्री स्कीम कोर्स (यूईएस) की अवार्ड सेरेमनी आईएमए के ऐतिहासिक छेत्रपाल ऑडिटोरियम में आयोजित हुई।
इसमें कैडेटों को विभिन्न मेडल, ट्रॉफी व सर्टिफिकेट्स दिए गए। इस टर्म में सैंगरो कंपनी को चैंपियन का सम्मान दिया गया। बुधवार को आईएमए में आयोजित अवार्ड सेरेमनी में अकादमी के कमांडेंट ले. जनरल एसके उपाध्याय ने भावी अफसरों को देश की आन, बान और शान की रक्षा के मूलमंत्र दिए।
उन्होंने भावी सैन्य अफसरों को विभिन्न उत्कृष्टता पुरस्कार दिए। कमांडेंट ने किसी भी परिस्थिति से सामना करने, बदलाव को आत्मसात करने और तकनीक में दक्षता हासिल करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि युद्धभूमि में कोई ‘रनरअप’ नहीं होता है।
हमेशा आगे बढ़ने और जीतने की भावना के साथ सेना के सम्मान को बचाए रखना है। दस जून को आईएमए की पासिंग आउट परेड का आयोजन होगा। इस बार परेड में 423 भारतीय और 67 विदेशी कैडेट पासआउट होंगे।
आईएमए में प्रशिक्षण के दौरान विदेशी कैडेटों को उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से मिलिट्री स्टडीज में डिप्लोमा कराया जाता है। अवार्ड सेरेमनी में 67 विदेशी कैडेटों को उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पीके गर्ग ने प्रमाण-पत्र प्रदान किए।