फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आत्मिक सुख की चाह भारतीय संस्कृति : अतुल कृष्ण

विज्ञापन
विज्ञापन
श्रीराम कथा ज्ञान यज्ञ समिति विकासनगर की ओर से डाकपत्थर रोड स्थित मैदान में चल रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा का शुक्रवार को समापन हो गया। कथा व्यास अतुल कृष्ण भारद्वाज ने कहा कि जो सबके चित को चुरा ले, उसे ही चित चोर कहा गया है। प्रभु चित चोर हैं।
विज्ञापन


कहा कि हनुमान जी के गुरु सूर्य भगवान हैं। जो भी भगवान का शरणागत हो जाता है, उसे भगवान क्षमा कर देते हैं और श्रेष्ठ बना देते हैं। उन्होंने कहा कि व्यक्ति के सद्गुण उसे देवता बना देते हैं। कुविचार को नहीं बढ़ने देना चाहिए। शारीरिक सुख की चाह पश्चिमी संस्कृति है, आत्मिक सुख की चाह भारतीय संस्कृति है।



कहा कि अगर संस्कृति नष्ट होती है तो ज्ञान, वैराग्य सब नष्ट हो जाता है। उन्होंने सनातनी संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन की बात कही। चंदन है इस देश की माटी तपोभूमि हर ग्राम है, हरबाला देवी की प्रतिमा बच्चा-बच्चा राम है, गीत पर श्रद्धालु जमकर झूमे। समापन पर सभी लोगाें ने विश्व कल्याण की कामना की।
विज्ञापन


इस मौके पर मनोज गुप्ता, विजय तोमर, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रांत प्रचारक डॉ. शैलेंद्र, समिति के अध्यक्ष प्रवीण गर्ग, सचिव अरुण मित्तल, पंकज गौड़, पवन अग्रवाल, संजीव जैन, महेश कक्कड़ आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें