भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) से इस वर्ष पिछले 10 साल के दौरान सबसे कम भारतीय कैडेट्स पास आउट होंगे। वहीं, विदेशी कैडेट्स की संख्या में खासा इजाफा हुआ है। अकादमी के इतिहास में सबसे अधिक विदेशी कैडेट्स इस वर्ष पास आउट होने जा रहे हैं।
स्थापना के बाद से अब तक अकादमी 56,932 युवा अफसर तैयार कर चुकी है। इसमें भारतीय के साथ ही मित्र राष्ट्रों के अफसर भी शामिल हैं। अकादमी में हर साल दो बार पासिंग आउट परेड आयोजित की जाती है। इसमें कोर्स पूरा करने वाले जेंटलमैन पास आउट होकर भारतीय सेना का हिस्सा बनते हैं। साथ ही मित्र राष्ट्रों के कैडेट्स भी अपनी-अपनी सेना में बतौर अफसर शामिल होते हैं।
पिछले दस वर्षों के दौरान यह पहला मौका होगा, जब 400 से कम भारतीय कैडेट अकादमी से पास आउट होंगे। वहीं सबसे अधिक संख्या में विदेशी कैडेट्स भी इसी वर्ष पास आउट होंगे। इस वर्ष अकादमी से 363 भारतीय और 78 विदेशी कैडेट्स पास आउट होंगे।
इससे पहले 2007 से 2017 के दौरान सबसे कम 401 भारतीय कैडेट्स दिसंबर 2016 में हुई पीओपी में पास आउट हुए थे। वहीं, जून 2012 में सबसे अधिक 657 भारतीय कैडेट्स पास आउट हुए थे। जबकि, सबसे अधिक 74 विदेशी कैडेट्स जून 2013 को पास आउट् हुए थे।
वर्षवार पास आउट हुए कैडेट्स की संख्या
ima dehradun
वर्ष देसी विदेशी
जून, 2007 625 24
दिसंबर, 2007 601 05
जून, 2008 608 --
दिसंबर, 2008 474 24
जून, 2009 497 16
दिसंबर, 2009 518 18
जून, 2010 625 23
दिसंबर, 2010 530 04
जून, 2011 546 17
दिसंबर, 2011 632 08
जून, 2012 657 21
दिसंबर, 2012 615 71
जून, 2013 631 74
दिसंबर, 2013 617 71
जून, 2014 636 64
दिसंबर, 2014 601 64
जून, 2015 616 71
दिसंबर, 2015 469 50
जून, 2016 565 45
दिसंबर, 2016 401 53
जून, 2017 423 67
दिसंबर, 2017 363 78