उसे घर बात तक नहीं करने दी जा रही है, जिसके चलते युवक के परिजन मानसिक तनाव में हैं। बेटे के साथ हो रहे अमानवीय बर्ताव के चलते उसकी माता सुशीला देवी का 28 दिसंबर को हृदयगति रुकने से निधन हो गया।
उसका क्रियाकर्म भी गांववालों ने किया। अब घर में केवल एक बालिका है, जिसकी रेखदेख करने वाला भी कोई नहीं है। उन्होंने जिला प्रशासन, राज्य और केंद्र सरकार ने फिलिपींस में फंसे युवक को स्वदेश लाने की मांग की है।