बीएसएफ और सीआरपीएफ के जवानों के वीडियो वायरल होने के बाद अब सेना के जवान का नया वीडियो सामने आया है।
इसमें उसने वरिष्ठ अधिकारियों पर उसे प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। उसने कहा है कि सेना में जवानों की समस्याओं के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखने के चलते उसे परेशान किया जा रहा है।
वीडियो सामने आने के बाद सेना ने कहा है कि उसने मामले का संज्ञान लिया है और मामले की जांच की जा रही है।
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और सुप्रीम कोर्ट को लिखा था पत्र
सुप्रीम कोर्ट
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इस वीडियो में देहरादून स्थित 42 इन्फैंट्री ब्रिगेड में तैनात लांस नायक यज्ञ प्रताप सिंह ने कहा है कि उसने पिछले साल जून में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और सुप्रीम कोर्ट को पत्र लिखकर सेना के जवानों की समस्याओं के बारे में बताया था।
इसके बाद पीएमओ की ओर से उसकी ब्रिगेड को निर्देश दिया गया कि यज्ञ प्रताप सिंह की समस्याओं के बारे में जांच की जाए।
लांस नायक यज्ञ प्रताप सिंह के खिलाफ जांच भी शुरू
लेकिन सिंह का कहना है कि समस्याओं का पता लगाने के बजाय उसके सीनियर्स ने उसे परेशान करना शुरू कर दिया।
लांस नायक यज्ञ प्रताप सिंह के खिलाफ जांच भी शुरू कर दी गई, जिसके तहत उसका कोर्ट मार्शल भी किया जा सकता है।
उसने कहा है कि प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कोई गोपनीय बात नहीं थी और न ही इससे गोपनीय जानकारी लीक हुई है।
अधिकारियों के जूते पॉलिश नहीं कराए जाने चाहिए...
नरेंद्र मोदी
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उसने कहा कि प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में उसने सिर्फ यही कहा है कि सहायक के तौर पर रखे जाने वाले जवानों से अधिकारियों के जूते पॉलिश नहीं कराए जाने चाहिए। इस पर पीएमओ ने ब्रिगेड से मामले की जांच करने को कहा।
उसने आरोप लगाया है कि इसके बाद ब्रिगेडियर ने उसे प्रताड़ित किया और दबाव डाला, ताकि मैं कोई गलत कदम उठा लूं।
उसने कहा कि हालांकि मैंने आत्महत्या या अन्य कोई ऐसा कदम नहीं उठाया है, जिससे सेना की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचे। उसने कहा कि मुझे कोर्ट मार्शल के लिए बुलाया गया। लेकिन मेरी गलती क्या है।